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10 साल बाद खंडवा और तुकईधड़ के बीच दौड़ी ट्रेन, मांग-अब रोज चले

10 साल का लंबा इंतजार, बसों के भरोसे सफर और रोजाना की भागदौड़... रविवार को जब खंडवा से तुकईधड़ के लिए ट्रेन की सीटी गूंजी तो मानो ग्रामीणों की उम्मीदों को फिर से रफ्तार मिल गई। प्लेटफार्म पर उत्साह, चेहरों पर खुशी और ट्रेन में सफर करने की उमंग साफ नजर आई। खंडवा-अकोला मीटरगेज लाइन बंद होने के करीब एक दशक बाद 64 किमी लंबे ब्रॉडगेज रेलखंड पर पहली ट्रायल ट्रेन दौड़ी। गुड़ी, आमलाखुर्द और तुकईधड़ के यात्रियों ने टिकट लेकर सफर किया। अब क्षेत्रवासियों की एक ही मांग है- ट्रेन रोज चले, ताकि बसों की निर्भरता कम हो और सफर में समय के साथ पैसे की भी बचत हो।
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खंडवा और तुकईधड़ के बीच दौड़ी ट्रेन

सुबह से स्टेशन पर रही चहल-पहल, मिठाई खिलाकर किया स्वागत

रविवार सुबह खंडवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर सुबह 7.45 बजे ट्रायल ट्रेन स्टेशन पहुंची। नांदेड़ रेल मंडल से ऑपरेटिंग मैनेजर श्रीनिवास सूर्यवंशी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक ऋतिक कुमार, टीआइ महेंद्र गुजरे, ट्रेन मैनेजर राजू रंजन, लोको पायलट संजय सैनी, अंकुश रंगारी की टीम इस स्पेशल ट्रेन को लेकर आए थे। यहां जेडआरयूसीसी सदस्य मनोज सोनी और समाजसेवी सुनील जैन सहित अन्य ने लोको पायलट को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर ट्रायल ट्रेन को सुबह 8.15 बजे ट्रेन खंडवा स्टेशन से तुकईधड़ के लिए रवाना हुई। इस मौके पर स्टेशन मैनेजर जीएल मीणा, अरविंद साहा सहित अन्य कर्मचारी-अधिकारी मौजूद रहे।

1 जनवरी 2017 को बंद हुआ था मीटरगेज रेलखंड

खंडवा से अकोला के बीच मीटरगेज ट्रेन का संचालन 1 जनवरी 2017 को बंद कर दिया गया था। इसके बाद इस रेलखंड को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में बदलने का काम शुरू हुआ। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब खंडवा से तुकईधड़ तक करीब 64 किलोमीटर का ट्रैक तैयार हो चुका है। रविवार को इसी रेलखंड पर ट्रायल रन किया गया।

ग्रामीणों की मांग, रोजाना संचालित हो ट्रेन

यात्री जितेंद्र सिंह यादव का कहना है कि ट्रायल ट्रेन को लेकर काफी उत्साह है। हमारी यही मांग है की यह ट्रेन प्रतिदिन चलाई जाए। हम लोग करीब 10 साल से परेशान हो रहे हैं। तुकईधड़, आमलाखुर्द और गुड़ी से बड़ी संख्या में ग्रामीण बस से खंडवा आते हैं। ट्रेन शुरू होती है तो लोगों को समय भी बचेगा और आर्थिक बचत भी होगी। यात्री संजय ठाकुर ने बताया कि वे तुकईधड़ जा रहे हैं। ट्रेन के ट्रायल रन को लेकर खुशी है लेकिन असली खुशी तब ही मिलेगी जब यह ट्रेन रोज चलेगी।

बिना विद्युतीकरण किए ही सीआरएस

खंडवा अकोला के बीच 2024 में निर्माण विभाग ने केवल एक लाइन की पटरियां स्टेशनों पर बिछाई थी और बिना विद्युतीकरण किए ही अधूरे कार्य का सीआरएस करवा कर इति श्री कर ली थी। समाजसेवी जैन ने बताया कि इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता भुगत रही है। रेलवे अब चाह कर भी खंडवा सनावद मेमू ट्रेन का तुकाईथड़ तक विस्तार नहीं दे पा रही है। अब नांदेड़ मंडल डेमू ट्रेन या शटल चलाने के लिए भुसावल मंडल की सहायता लेकर ट्रेन चलाने का प्रयास कर रहा है।

सांसद पाटिल ने जताई थी नाराजगी

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल बोर्ड के अधिकारियों सहित साउथ सेंट्रल रेलवे के जीएम और डीआरएम नांदेड़ के सामने नाराजगी व्यक्त कर आम जनता को दस साल से बंद रेल मार्ग को पुन: खोल कर यात्री ट्रेनें चलाने की मांग की थी इसके बाद रेल विभाग पिछले कुछ समय से खंडवा तुकाईथड़ के बीच यात्री ट्रेन चलाने के लिए प्रयास शुरू कर रहा है।