
Pandhana MLA wrote about the ZP CEO on Facebook
खंडवा. 'बिना जिला पंचायत सीइओ के बड़ी पंचायतों में भ्रष्टाचार संभव ही नहीं है। सिंगोट बड़ा उदाहरण है। संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होगी।Ó इन शब्दों के साथ पंधाना विधायक राम दांगोरे ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर की है।
विधायक दांगोरे ने कहा- जिला पंचायत सीइओ रोशनकुमार सिंह से मेरा कोई विवाद नहीं है। लेकिन, मैं कमीशन नहीं ले रहा हूं तो मैं भ्रष्टाचार सहन भी नहीं करूंगा। पंचायतों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार है। सीधे-सीधे जिला पंचायत सीइओ मिले हुए हैं। उच्चस्तरीय जांच कराऊंगा।
क्वालिटी मेंटेन करें या कार्रवाई के लिए रहें तैयार
दांगोरे बोले- बालू रेत वाला काम डस्ट से हो रहा है। धारा-40 व 92 के केस चल रहे हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं। जिन्होंने गबन किया, रिकवरी निकली, उन पर एफआइआर से परहेज क्यों करते हैं? क्वालिटी मेंटेन करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
सिंगोट के सचिव व रोजगार सहायक को हटाया
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत दो दिन पहले शनिवार को पंधाना विधानसभा की ग्राम पंचायत सिंगोट में पीएम आवास योजना में हुई गड़बड़ी की जांच को लेकर ग्रामीणों द्वारा हंगामा करने के साथ हुई। ग्रामीणों के हंगामे के बीच सरपंच-सचिव शराब-मुर्गे की पार्टी कर रहे थे। इस मामले पर विधायक ने संज्ञान लिया। जनपद पंचायत पंधाना के सीइओ ने रोजगार सहायक संजय श्रीवास और सचिव युवराज नागोरे को ग्राम पंचायत सिंगोट से हटा दिया है।
Updated on:
07 Sept 2020 11:24 pm
Published on:
07 Sept 2020 11:24 pm
