
अभिजीत दीपके ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप (Photo: IANS)
West Bengal News: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाने के बाद कथित हमले में घायल हुए एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक के बेटे अब्दुल हाफिज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक हैं और पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाने गए थे। परिवार का आरोप है कि स्कूल की खराब हालत का वीडियो बनाने से नाराज कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर हाफिज और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक व संयोजक अभिजीत दीपके ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
परिवार के मुताबिक, हमले के करीब डेढ़ दिन बाद 15 अगस्त को बांकुड़ा के एक सरकारी अस्पताल में हाफिज के पिता की मौत हो गई। हाफिज ने इस हमले के लिए स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब्दुल हाफिज ने बताया कि वह CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट करने और उनकी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सामने लाने की कोशिश कर रहे थे। इसी सिलसिले में वह गुरुवार को करिसुंडा प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने बचपन में पढ़ाई की थी।
हाफिज के मुताबिक, उन्होंने स्कूल की स्थिति के कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए और इसके बाद अपने घर लौट आए। उनका आरोप है कि रात करीब 8 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और वहां घेराव कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की और उनके बुजुर्ग पिता को बुरी तरह पीटा। आरोप है कि हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और स्कूल से जुड़े वीडियो के साथ-साथ जंतर-मंतर पर बनाए गए उनके कुछ वीडियो भी डिलीट करने के लिए मजबूर किया।
हाफिज ने आरोप लगाया कि हमलावरों के पास ब्लेड और धारदार हथियार थे। उनके मुताबिक, हमले में उनके पिता के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें टांके लगाने पड़े।
हाफिज ने यह भी दावा किया कि जब परिवार अस्पताल और पुलिस स्टेशन पहुंचा, तब कथित हमलावरों ने वहां भी उनका पीछा किया और उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने भविष्य में इस तरह के वीडियो बनाए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। हाफिज ने कहा कि उनके पिता ने हमले के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया।
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर सवाल उठाने के कारण किसी व्यक्ति की जान जाना बेहद गंभीर मामला है। मेरा इस बात पर खून उबल रहा है कि लोग सिर्फ बेहतर स्कूलों की मांग करने के कारण मारे जा रहे हैं।
दीपके ने कहा कि सीजेपी अब्दुल हाफिज और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करता है। उन्होंने कहा कि CJP की एक टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा या धमकी के जरिए सीजेपी की आवाज दबाई नहीं जा सकती और सीजेपी सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "जो लोग हिंसा के दम पर हमारी आवाज दबाना चाहते हैं, वे सुन लें कि हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। आप हमारे कार्यकर्ताओं पर हमले करें, धमकियां दें या डराने की कोशिश करें, हम और अधिक मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।"
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वी.जी. सतीश पसुमार्थी ने पहले बताया था कि मामले में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा था कि हाफिज की मां शिकायत दर्ज कराने के लिए आ रही हैं और शिकायत मिलने के बाद कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उस समय तक पुलिस को औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। पिता की मौत के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
बीजेपी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा है कि अगर उसके कार्यकर्ता इस घटना में शामिल पाए जाते हैं और पुलिस शिकायत में उनका नाम आता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, बीजेपी की पश्चिम बंगाल प्रवक्ता केया घोष ने घटना को लेकर TMC और वाम दलों पर राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में TMC की सरकार थी, तब क्या हाफिज ने इसी तरह सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट करने की हिम्मत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं का इस्तेमाल बीजेपी को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि यह बयान हमले के बाद, लेकिन हाफिज के पिता की मौत से पहले दिया गया था।
बताया जा रहा है कि अब्दुल हाफिज इससे पहले सीजेपी की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हो चुके हैं। उनका कहना है कि वह सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए संगठन के सामाजिक ऑडिट में योगदान देना चाहते थे। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है।
Updated on:
16 Aug 2026 02:03 pm
Published on:
16 Aug 2026 01:52 pm
