
पैसे और जेवरात के लिए दुल्हन बनकर रचाती थी ब्याह, फिर इस घिनौने काम को देती थी अंजाम, पढि़ए खबर...
कोरबा. उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा है, जिसमें महिला पैसे और जेवरात के लिए दुल्हन बनकर ब्याह रचाती थी। शादी के दो-तीन दिन बाद ससुराल से जेवरात लेकर भाग जाती थी। पुलिस का दावा है कि गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैला है।
बांदा के नगर डीएसपी राघवेन्द्र सिंह ने पत्रिका को टेलीफोन पर घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैसे और जेवरात के लिए बार-बार दुल्हन बनने की चाहत रखने वाली निर्मला सिदार को गिरफ्तार किया है। निर्मला कोरबा कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पुलिस ने निर्मला के पहले पति कुलदीप को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है।
डीएसपी ने बताया कि गिरोह बांदा में ऐसे लोगों को जाल फंसाता था कि जिनकी शादी नहीं होती थी। बांदा में सक्रिय दलाल ऐसे लोगों से सम्पर्क कर शादी कराने का झांसा देते थे। उनके लिए दुल्हन खोजने की बात कहते थे। दुल्हन खोजकर शादी करा देते थे। लेकिन दुल्हन निर्मला ही बनती थी। शादी के तीन चार दिन बाद निर्मला का पति कुलदीप पत्नी को खोजते हुए दूल्हा के घर पहुंच जाता था।
अपनी पत्नी को घर में रखने की बात कहकर दूल्हे को कानूनी कार्रवाई की धमकी देता था। डर कर दूल्हे का परिवार निर्मला को छोड़ देता था। या इसके पहले निर्मला शादी में मिले जेवरात और अन्य सामान को लेकर फरार हो जाती थी। हाल में निर्मला ने 10 जुलाई को बांदा के संकटमोचन मंदिर में घनश्याम तिवारी के साथ अग्नि के सात फेरे ली थी।
पता चला शादी के लिए घनश्याम तिवारी ने इस गैंग की सदस्य साध्वी मालती शुक्ला, ममता द्विवेदी और निरंजन को शादी कराने के बदले 50 हजार रुपए दिए थे। शादी के बाद दुल्हन तीन दिन घनश्याम के साथ रही। इसके तीसरे दिन कुलदीप घनश्याम के घर पहुंच कर एक लाख मांगा।घनश्याम ने घटना की शिकायत कोतवाली बांदा में की। पुलिस ने बताया कि गिरोह ने बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र गांव अर्जुनाह निवासी दिनेश पांडे को भी निशाना बनाया है। इन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
Published on:
17 Jul 2018, 11:29 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.