
विद्रोह को हवा देने वाले मैसेज को पोस्ट करना सिपाही को पड़ा महंगा, पढि़ए खबर क्या हुआ इनके साथ...
कोरबा. पुलिस के वाट्सएप ग्रुप पर विद्रोह को हवा देने वाले मैसेज को पोस्ट करना सिपाही को भारी पड़ गया। पुलिस ने विद्रोह भड़काने के आरोप में सिपाही गौलोचन प्रसाद कंवर को गिरफ्तार कर लिया, उसे कोर्ट में पेश किया गया। यहां से सिपाही को जमानत पर रिहा किया गया। पुलिस ने बताया कि सिपाही क्रमांक ४७१ गौलोचन प्रसाद कंवर मानिकपुर चौकी में पदस्थ है।
सूचना की अदान प्रदान के लिए चौकी प्रभारी राजेश चन्द्रवंशी ने एक ग्रुप बनाया है। इसमें गौलोचन को भी जोड़ा गया है। सिपाही कंवर ने वाट्सएप ग्रुप पर एक एक कर चार मैसेज पोस्ट किया। इसमें मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, राज्य के अन्य मंत्री, सांसद, विधायक एवं अधिकारियों की सुरक्षा में लगे जवानों से ड्यूटी छोड़कर पुलिस विद्रोह में शामिल होने की अपील किया था। मैसेज को अन्य गु्रपों में फैला कर पुलिस विद्रोह करने का अपील किया।
सिपाही की अपील पुलिस बल परिवार के सदस्यों को विद्रोह के लिए उकसाती है। सिपाही कंवर के मैसेज से वाट्सएप ग्रुप पर बवाल मच गया। चौकी प्रभारी ने घटना से विभाग के वरिष्ट अफसरों को अवगत कराया। अफसरों ने सिपाही कंवर के पोस्ट को ंगंभीर माना। उसके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद चौकी प्रभारी राजेश चन्द्रवंशी ने सिपाही गौलोचन प्रसाद कंवर के खिलाफ पुलिस विद्रोह को उकसाने की धारा तीन के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने सिपाही कंवर को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, यहां से जमानत पर रिहा किया गया।
एसपी ने किया सस्पेंड
घटना के बाद एसपी मयंक श्रीवास्तव ने सिपाही गौलोचन कंवर को सस्पेंड कर दिया है। उसे लाइन अटैच किया गया है। पुलिस उसके पोस्ट की जांच कर रही है। सिपाही के निलंबन और लाइन अटैच की खबर से पुलिस कर्मी घबराए हुए हैं।
अब तक दो एफआईआर
पुलिस विद्रोह को भड़काने के आरोप में पुलिस ने अभी तक दो एफआईआर दर्ज किया है। एक एफआईआर रामपुर चौकी में बर्खास्त सब इंस्पेक्टर आमृतलाल केरकेट्टा के खिलाफ दर्ज किया गया था। केरकेट्टा पर पुलिस लाइन में घुसकर विद्रोह को भड़काने का आरोप है। दूसरा एफआईआर सिपाही गौलोचन कंवर के खिलाफ दर्ज किया गया है।
रायपुर में पुलिस परिवार का आंदोलन आज
मांगों के समर्थन में सोमवार को रायपुर में पुलिस परिवार का आंदोलन प्रस्तावित है। इसमें शामिल होने के लिए पुलिस परिवार के सदस्य एवं पुलिस कर्मियों के रिश्तेदार रायपुर रवाना हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती परिजनों को पहचान कर रोकने की है। परिवार के आंदोलन में शामिल होने पर पुलिस नौकरी करने वाले जवान के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। कोरबा पुलिस ने भी ४० पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया है, जिनके परिवार कोरबा के आंदोलन में शामिल हुए थे। एसपी दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों ने वरिष्ट अफसरों को वादा किया है कि वे या उनके परिवार के सदस्य आंदोलन में शामिल नहीं होंगे।
Updated on:
24 Jun 2018, 7:19 PM IST
Published on:
24 Jun 2018, 6:50 PM IST
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