
कोरबा. शहर के पांच बड़े निजी स्कूलों की बड़ी गलती शिक्षा विभाग ने पकड़ी है। शपथ पत्र में 10 महीने का फीस बताकर 12 महीने की फीस ली जा रही है। साथ ही कहीं अधिक फीस लेने का मामला है। डीईओ ने इन पांच बड़े स्कूलों को नोटिस जारी कर फीस वापस लेने के निर्देश दिया है। नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पालक संघ अब तक जिन मामलों को लेकर आंदोलन कर रहा है उनमें अधिक फीस लेने, बिना ऑनलाइन क्लास लिए फीस लेने, 10 की जगह 12 महीने का फीस लेने की शिकायत सामने आ रही थी। जब जांच किया गया तो शहर के पांच बड़े स्कूलों की चोरी पकड़ी गई। सैकड़ों पालकों से अधिक फीस वसूली कर ली गई थी।
अब स्कूलों को नोटिस जारी कर फीस वापस करने डीईओ ने पत्र जारी किया है। कुछ जगह तो यह भी मामला सामने आया है जहां फीस के साथ अतिरिक्त गतिविधियों के ऐवज में फीस ले ली गई थी। जबकि कोरोना काल मेे स्कूल बंद है। सिर्फ ऑनलाइन क्लासेस ही लग रही है। इससे स्पष्ट है कि स्कूल प्रबंधन जमकर मनमानी कर रहे हैं।
इन स्कूलों को नोटिस हुआ जारी
डीडीएम पब्लिक स्कूल
जैन पब्लिक स्कूल
सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल
डीपीएस बालकोनगर
न्यू एरा पब्लिक स्कूल
लाखों की हुई वसूली, अब वापस करने की बजाए समायोजन की कर रहे बात
एक तरफ जहां शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर अतिरिक्त वसूली को वापस करने के निर्देश जारी किए गए हैं तो स्कूल प्रबंधन फिर से मनमानी पर उतारु हो गए हैं। जब अभिभावक स्कूल पहुंच रहे हैं तो उनको समायोजन की बात कहकर वापस लौटाया जा रहा है। न्यू एरा स्कूल ने तो अतिरिक्त दो हजार रुपए फीस ले लिया था। इसे भी वापस लौटाना है।
किस्तों का खेल, अभिभावक हो रहे परेशान
स्कूल प्रबंधन कहीं तीन तो कहीं पांच किस्तों में फीस ले रहे हैं। इन्हीं किस्तों में 10 की बजाए 12 महीनों की फीस ली जा रही है। अभिभावकों को गुमराह किया जाता है। अभिभावक संघ की मांग है कि स्कूल हर महीने फीस लें, ताकि इस तरह से अगली बार प्रबंधन मनमानी ना कर सके।
तीन दिन के भीतर निजी स्कूलों की फीस होगी निर्धारित
निजी स्कूलों के फीस निर्धारण का मामला पिछले कुछ महीनों से चल रहा है, हर स्कूल में प्रबंधन और पालकों की एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में शिक्षा विभाग की तरफ से एक नोडल अधिकारी भी अधिकृत किया गया है। स्कूल की सुविधा, स्तर को देखते हुए फीस निर्धारित होना है। इसमें पालकों की सहमति जरुरी है। स्कूल प्रबंधन मनमानी ना करें इसकी जवाबदारी नोडल अधिकारियेां पर है।
पिछले एक महीने से विद्यालय प्रबधन कमेटी की बैठक का इंतजार हो रहा था। राज्य शासन ने अब फीस निर्धारण के लिए निर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक आगामी तीन दिन के भीतर हर निजी स्कूल में कमेटी की बैठक होगी। 55 नोडल अधिकारियों को इस बैठक को जल्द कर फीस की पूरी जानकारी शासन और शिक्षा विभाग को देनी होगी।
ऑनलाइन क्लास नहीं लेने वाले 15 निजी स्कूलों को नोटिस
इधर ऑनलाइन क्लास नहीं लेने वाले 15 निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अभिभावकों की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने जांच कराई थी। इसमें पाया गया कि स्कूल प्रबंधन मनमानी कर रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित रखा जा रहा है। ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।
जिन स्कूलों को नोटिस जारी हुआ है उनमें अग्रसेन स्कूल रजगामार, छत्तीसगढ़ प्रेरणा स्कूल, केजीवी राताखार, सरस्वती शिशु मंदिर बालको, बीकन , दयानंद पब्लिक स्कूल, निर्मला, जीपीएसएच काशीनगर, बालमानस, ज्ञान ज्योति, एमजीएम बालको, शिक्षा निकेतन शामिल है।
शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूलों को नोटिस जारी कर अधिक फीस को वास करने कहा गया है। आगामी तीन दिन के भीतर नोडल अधिकारियों को फीस निर्धारण करने बैठक लेने के निर्देश दिए गए हैं।
-सतीश पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा
Published on:
11 Dec 2020 06:26 pm
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