
किसानों को तीन लाख पौधों का होगा वितरण, 25 हजार बांस भी दिया जाएगा
कोरबा. वन विभाग के पास अब पौधरोपण के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। लिहाजा इस बार विभाग द्वारा अपने स्तर पर पौधरोपण नहीं किया जाएगा। जिन विभागों को अब शासन से लक्ष्य मिला है उनको खुद ही जमीन की तलाश कर पौधरोपण करना होगा। इधर वन विभाग द्वारा किसानों को तीन लाख पौधे व 25 हजार बांस दिया जाएगा। नर्सरी में पौधे तैयार कर लिए गए हैं।
हर साल जुलाई आते ही हरिहर छत्तीसगढ़ योजना के तहत पौधरोपण किया जाता है। इसकी आधी जवाबदेही वन विभाग की तो वहीं उद्योगों के लिए वन विकास निगम द्वारा पौधरोपण किया जाता है।
बकायदा इसके लिए जगह चिंहित कर लाखों पौधे लगाए जाते हैं। हर विभाग को भी पौधरोपण के लिए लक्ष्य दिया जाता था। जगह वन विभाग द्वारा मुहैय्या कराई जाती थी। लेकिन इस बार वन विभाग के पास जगह की कमी चलते ऐसे जितने भी विभाग जिनका पौधरोपण किया जाता या फिर वन विभाग खुद ही पौधरोपण करता था। इस वर्ष नहीं होगा। लिहाजा वन विभाग द्वारा सभी अन्य विभागों को सूचना दे दी गई है कि वे अपने लिए जगह देख लें। जिसके बाद पौधा नर्सरी से मुहैय्या करा दी जाएगी।
वन विकास निगम की भी सुस्त चाल, उद्योगों की उदासीनता
वन विकास निगम के माध्यम से भी उद्योगों को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप पौधेरोपण करना होता हैै। सीएसपीडीसीएल, एनटीपीसी, बालको, एसीबी, वंदना सहित अन्य के लिए अब तक पौधरोपण वन विकास निगम द्वारा पिछले बार दो माह विलंब से किया गया। तो वहीं जिन उपक्रमों के लिए पौधरोपण किया गया है वह भी बेहद सुस्त है।
पिछले बार एसईसीएल गेवरा को 1लाख पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया था, इसमें सिर्फ 80 हजार ही लग सके थे। एसईसीएल दीपका को दो लाख में से सिर्फ 1 लाख, एसईसीएल कुसमुंडा में 1 लाख 70 हजार के मुकाबले 92 हजार, एसईसीएल कोरबा में 60 हजार में से 40 हजार ही पौधे रोपित किए जा सकेंगे।
नगरीय निकाय और जनपद भी नहीं देते ध्यान
पौधरोपण में नगरीय निकाय और जनपद भी उदासीन है। पिछली बार बिना नोटिफाइड एरिया तय कर पौधे लगाने का काम इनके माध्यम से किया गया। पौधरोपण तो कर दिया गया लेकिन कहां कितने पौधे लगे इसकी जानकारी उनको नहीं है। बात करें पौधरोपण की तो नगर निगम को 35 हजार का लक्ष्य दिया गया था, निगम ने सिर्फ साढ़े 11 हजार ही पौधे लगाए गए थे। तो वहीं चारों अन्य निकाय को 5 हजार का लक्ष्य दिया गया था ।
Published on:
20 Jun 2018, 8:14 PM IST
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