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कैश निकालने एटीएम पहुंचे दंपती के उस समय उड़ गए होश, जब पासवर्ड डालते ही आया ये मैसेज…

Fraud : एक बार फिर एटीएम (ATM) कार्ड क्लोनिंग कर ठगी का मामला सामने आया है। कैश निकालने पहुंचे दंपती के उस समय होश उड़ गए जब ...
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कोरबा

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Vasudev Yadav

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Updated: 20 Aug 2019, 6:49 PM IST

कैश निकालने एटीएम पहुंचे दंपती के उस समय उड़ गए होश, जब पासवर्ड डालते ही आया ये मैसेज...

कैश निकालने एटीएम पहुंचे दंपती के उस समय उड़ गए होश, जब पासवर्ड डालते ही आया ये मैसेज...

कोरबा. कैश निकालने एटीएम (ATM) पहुंचे दंपती के उस समय होश उड़ गए, जब पासवर्ड डालते ही बैंलेंस नहीं होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्हें ठगी (Fraud) का एहसास हुआ। गौरतलब है कि कैश निकालने के बहाने एक हफ्ता पूर्व एक युवक ने एटीएम ले लिया। स्वाइप करते हुए ही कार्ड की क्लोनिंग कर ली। एक सप्ताह बाद जब पीडि़त खाते से पैसे निकालने पहुंचा तो उसके खाते से साढ़े 37 हजार निकाले जा चुके थे। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच में जुट गई है।

वंदना सिंह चौहान पति डॉ. विकास कुमार चौहान उम्र 24 वर्ष बी टाईप कालोनी अप्पू गार्डन के पास ढोढीपारा कोरबा में निवासरत है। महिला ने बताया कि 10 अगस्त को पावर हाउस रोड कोरबा स्थित एसएस प्लाजा के एटीएम (ATM) से दोपहर एक से दो बजे के मध्य अपने पति के साथ पैसा निकालने गई थी।

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मशीन में एटीएम कार्ड स्वाइप करने पर कोई विकल्प नही आया। इसके बाद महिला ने पति को एटीएम से पैसा निकालने को कहा। उसके बाद भी पैसा नहीं निकलने पर पीछे खड़ा एक अज्ञात व्यक्ति मदद करने के बहाने हाथ से एटीएम (ATM) लेकर मशीन में स्वाइप किया। उसके बाद महिला के पति ने पिन कोड डाला। 20 हजार रुपए आहरण भी किया।

आहरण के बाद एटीएम से अपने खाता मे 10 हजार रुपए ट्रांसफर भी किया गया। इसके बाद दंपती घर चले गए। 16 अगस्त को महिला के पति विकास चौहान बीएड में एडमिशन के लिए फीस जमा करने के लिये एटीएम लेकर गये। एटीएम (ATM) जाने पर पता चला कि खाते में बैलेंस ही नहीं है। महिला के खाते से साढ़े 37 हजार रुपए निकाल लिए गए। महिला ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि एटीएम में मौजूद युवक द्वारा कार्ड स्वाइप करते समय ही कार्ड की क्लोनिंग कर ली गई होगी।

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एटीएम के आसपास सक्रिय गिरोह
एटीएम मशीन के आसपास गिरोह सक्रिय है। इस तरह की ठगी (Fraud) का यह पहला मामला नहीं है। नियम है कि एटीएम मशीनों में एक बार में एक ही ग्राहक प्रवेश करेगा, लेकिन अधिकांश एटीएम मशीन के भीतर आठ से 10 लोगों की भीड़ लगी रहती है। घंटाघर और एसएस प्लाजा में एक ही परिसर में चार एटीएम मशीन लगी हुई है। इन्हींं दोनों जगह पर सबसे अधिक ठगी (Fraud) के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले ही महीने घंटाघर एटीएम मशीन से सीएसईबी के एक रिटायर्ड कर्मी से एक लाख की ठगी इसी तरह की गई थी।

सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जाएंगे
आरोपी की पहचान के लिए पुलिस द्वारा अब एटीएम (ATM) के भीतर लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जाएंगे। हालांकि इससे पहले भी सामने आए मामलों के बाद फुटेज से पुलिस को बहुत अधिक मदद नहीं मिली है। दरअसल घटिया क्वालिटी के कैमरों की वजह से इस तरह की परेशानी सामने आती है।

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