
कोरबा . भीषण गर्मी में यात्रियों को मूलभूत सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। नल से उबलता पानी आ रहा है, ऐसे में टे्रन में सफर करना मुश्किल हो गया है। बच्चे, महिलाओं व बुजुर्गो के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। रेलवे प्रबंधन यात्रियों की सुविधा पर लापरवाही बरत रही है।
कोरबा रेलवे स्टेशन में यात्री प्यास बुझाने के लिए शीतल पेयजल की तलाश करते हैं, लेकिन स्टेशन पर नल से गरम पानी उगल रहा है। पत्रिका की पहल से पानी की समस्या को उठाया था। शुक्रवार के अंक में करोड़ो कमा रहा रेलवे फिर भी स्टेशन के 44 में से 26 नल खराब का प्रकाशन किया था। उसके उपरांत सभी 44 नग नलों में पानी आ रहा है, लेकिन छ: नग नल की टोटी टूट चुकी है, उसे सुधार नहीं गया है। कहीं नल का पानी बेवजह बह रहा है, तो कहीं नल से फौव्वर मार रहा है।
प्लेटफार्म नंबर दो पर एक वाटर कूलर लगा हुआ है। उसमें से भी गरम पानी आ रहा है। वाटर कूलर की एक टोटी बंद है। यात्रियों को पानी की बॉटल खरीदनी पड़ रही है। इधर लोकल टे्रन में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होती है। जो पानी की बॉटल भी नहीं खरीद पाते हैं। प्लेटफार्म नंबर दो पर एक भी स्टॉल नहीं है, ऐसे में पानी की बॉटल खरीदने व खाने के सामान लेने के लिए यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक पर जाना पड़ रहा है।
एक दर्जन से अधिक गाडिय़ों होती है रवाना
कोरबा रेलवे स्टेशन से साप्ताहिक व प्रतिदिन को मिलाकर एक दर्जन सवारी गाडिय़ां चलती है। इसमें अधिकतर गाडिय़ां प्लेटफार्म दो व तीन नंबर पर ही आती है। प्लेटफार्म एक नंबर पर सुबह कोरबा पहुंचते के बाद शाम चार बजे छुटती है। पूरे दिन लिंक एक्सपे्रस पर खड़ी रहती है।
फुललोड कोयला भर कर रहे परिवहन
कोयला परिवहन से अधिक आय कमाने के लिए मालगाड़ी में फुललोड कोयला भर दिया जाता है, मालगाड़ी से कोयला पत्थर गिरते हैं, प्लेटफार्म पर कोयला के तमाम टुकड़े बिखरे रहते हैं। टे्रन पकडऩे की होड़ में कोयला के छोटे-छोटे टुकड़ों पर पैर आने पर फिसलन की स्थिति बनी रहती है। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। सबसे अधिक सवारी गाड़ी दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर ही पहुंचती है। इस दौरान यात्री सवारी टे्रन की प्रतिक्षा करते हैं। भीड़ होने पर बच्चे व महिलाएं फर्श पर ही बैठती है। इसी दौरान प्लेटफार्म पर मालगाड़ी आने पर कोयला छिटकने से चोट लगने की संभावना बनी रहती है।
Published on:
09 May 2018 11:19 am
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