
मांग है कि हमें बारिश से पहले नगर निगम कम से कम आवास उपलब्ध करा दे
कोरबा . ठंड का मौसम गुजर गया और अब 43 डिग्री वाली गर्मी गुजरने को है। बोरियों-लकड़ी, पॉलीथीन व झाडिय़ों से नहर किनारे मकान बनाकर रह रहे भिक्षुकों के लिए निगम ने फ्लैट तैयार कर रखा है। आठ माह से आवंटन का दावा किया जा रहा है लेकिन अब तक मकान नहीं दिया गया है। भिक्षुकों की मांग है कि हमें बारिश से पहले नगर निगम कम से कम आवास उपलब्ध करा दे।
कई वर्षो से सर्वमंगला मंदिर परिसर के आसपास कुष्ठ रोगी यहां छोटी से झोपड़ी बना कर गुजर बसर कर रहे हैं। पहले रेलवे क्रांसिग के पास झोपड़ी में रह रहे थे। वर्तमान में सर्वमंगला उद्यान के सामने नहर के किनारे बसे हुए हैं। दो साल इन झोपडिय़ों में आग लग गई थी। लगभग आधा दर्जन झोपड़ी जलकर खाक हो चुकी थी। कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे। नहर के किनारे लकड़ी व पैरे पर प्लास्टिक से ढककर अब तक ये रहते आ रहे हैं। ऐसे में हर मौसम में इन परिवारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बारिश के दौरान नदी और नहर दोनों ही उफान पर हो जाते हैं तब इन्हें दूसरी जगह जाना पड़ता है। इसे देखते हुए इन भिक्षुकों परिवार को सभी को वन बीएचके का मकान देने की पहल की गई। मकान भी तैयार हो गया। लेकिन पिछले साल अक्टूबर से लेकर अब तक आवंटन के सिर्फ दावे किए जा रहे हैं। 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही, बेहतहाशा गर्मी के बीच परिवार रह रहे हैं।
अब उनके भिक्षावृत्ति खत्म कर रोजगार की जरूरत
सभी कुष्ठ रोगी परिवार इस समय भिक्षावृत्ति के माध्यम से जीवन यापन कर रहे हैं। मकान मिलने के बाद परिवारों को स्वरोजगार की जरूरत होगी। जिसके माध्यम से वे अच्छी कमाई कर अपना व अपने परिवार का गुजर-बसर कर सकें। उनकी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
कुष्ठ के अलावा सभी भिक्षुकों को मिलेगा मकान
कुष्ठ रोगियों के अलावा सर्वमंगला मंदिर के सामने बैठने वाले सभी 21 परिवारों को यहां मकान मिलेगा। कॉलोनी पूरी तरह से तैयार कर ली गई है। यहां सामुदायिक भवन भी बनाया गया है। आवंटन की कागजी प्रक्रिया चल रही हैै जिसे तेजी से किया जा रहा है।
Published on:
29 May 2018 12:46 pm
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