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कोरोना कर्फ्यू से मुश्किल में फंसे कोचिंग छात्रों की खेवनहार बनीं डिजिटल क्लास

कोटा कोचिंग 2.0, अप्रेल और मई में होनी हैं जेईई मेन्स, एडवांस और नीट की प्रवेश परीक्षा, अचानक लगी छुट्टियां मार्च में होता है पढ़ाई का पीक टाइम, डिजिटल क्लास के जरिए घर बैठे कर रहे परीक्षा की तैयारी  
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कोटा

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Vineet Kumar Singh

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Updated: 19 Mar 2020, 5:53 PM IST

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कोटा. स्कूल कॉलेजों में ताले पड़ गए... परीक्षाएं तक स्थगित हो गईं... और तो और घर से बाहर निकलना तक मुहाल हो चुका है, लेकिन कोरोना की इस दशहत के आगे कोटा के कोचिंग संस्थान घुटने टेकने को राजी नहीं। इस भयावह बीमारी की दहशत को परे धकेल यहां अब भी लगातार क्लासेज चल रही हैं। इस नामुमकिन टॉस्क को मुमकिन कर दिखाया है कोटा कोचिंग के 2.0 वर्जन ने। जिससे कोटा कोचिंग के परंपरागत क्लासरूम स्टूडेंट्स ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कर रहे देश भर के 3.7 लाख से ज्यादा बच्चे जुड़ चुके हैं।

आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिलों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पांच अप्रेल से लेकर 11 अप्रेल तक जेईई मेन्स एग्जाम के दूसरे चरण की परीक्षाएं हैं। इसके बाद 17 मई को जेईई एडवांस की परीक्षा है। जबकि एम्स के साथ साथ देश भर में फैले मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों के लिए एनटीए तीन मई को नीट 2020 परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इन तीनों परीक्षाओं में देश भर के 45 लाख से ज्यादा बच्चे शामिल होते हैं। मार्च के महीने में परीक्षा की तैयारी आखिरी दौर में होती है, लेकिन 'कोरोना कफ्र्यूÓ की चपेट में आने के बाद पूरा मुल्क लॉकडाउन हो चुका है। स्कूल कॉलेजों की तो बात छोडि़ए प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान तक एहतियातन बंद कर दिए गए हैं।

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मुश्किल में फंसे बच्चे
इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्च का महीना पीक टाइम होता है। कोचिंग संस्थानों में इस वक्त दिन रात रिवीजन से लेकर, टेस्ट प्रेक्टिस और डाउट क्लासेज चलते, लेकिन 'कोरोना कफ्र्यूÓ के बाद लॉकडाउन हुए क्लासरूम में फिलवक्त सन्नाटा पसरा है। बच्चे घर, हॉस्टल्स और मैस तक ही सिमट कर रह गए हैं। कोचिंग तक जाकर पढ़ाई करना तो दूर टीचर्स से बात करना तक दूभर हो चुका है। अकेले कोटा में ही करीब 2.50 लाख बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों की तैयारी को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं।

डिजिटल कोचिंग ने खोला रास्ता
'कोरोना कफ्र्यूÓ के चलते जेईई मेन्स, एडवांस और नीट एग्जाम के लास्ट ऑवर्स में देश भर के स्टूडेंट्स को अपनी तैयारी खटाई में पड़ती नजर आ रही है, लेकिन कोटा कोचिंग्स में पुरानी रफ्तार से ही लगातार क्लासेज चल रही हैं। इस लॉकडाउन को तोडऩे के लिए कोटा कोचिंग्स ने 2.0 वर्जन यानि डिजिटल क्लासेज लांच की हैं। जिनसे कोटा में आकर पढ़ाई करने वाले ढ़ाई लाख विद्यार्थी ही नहीं, देश भर के 3.7 लाख से ज्यादा बच्चे जुड़कर इंजीनियर और डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में जुटे हैं।

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देश भर में 'कोरोना कफ्यूÓ लगे होने के बावजूद ऑनलाइन कोचिंग की वजह से ही कोटा ही नहीं देश भर में मेडिकल और इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स में दाखिलों की तैयारी कर रहे बच्चे परीक्षाओं की घर बैठकर तैयारी कर रहे हैं। डिजिटल कोचिंग का कोटा कोचिंग 2.0 वर्जन क्लासरूम स्टडी की ही तरह घर या हॉस्टल्स में मौजूद छात्रों को नियमित और पूरी सहूलियत के साथ पढ़ाई करवा रहा है। नीट, जेईई मेन्स और एडवांस एग्जाम की तैयारी कर रहे देश भर के करीब चार लाख बच्चे अब तक कोटा के ऑनलाइन कोचिंग सिस्टम से जुड़ चुके हैं।
प्रमोद माहेश्वरी, अकादमिक निदेशक, करियर पाइंट