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कोरोना की दहशत नहीं, यहां चलती हैं सिर्फ क्लास…

पत्रिका एक्सक्लूसिव : कोटा कोचिंग 2.0 3.7 लाख बच्चों तक पहुंची कोटा की डिजिटल कोचिंग क्लास, ऑन लाइन पढ़ाई के साथ क्लीयर कर रहे डाउट 10 लाख टॉपिक कंटेंट, 3 लाख टेस्ट सीरिज के साथ एक लाख घंटे के वीडियो लेक्चर और 24 घंटे लाइव क्लास      
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कोटा

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Vineet Kumar Singh

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Updated: 19 Mar 2020, 11:28 PM IST

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कोटा. आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और एम्स दाखिले का ख्वाब भले ही 'कोरोना कर्फ्यू' की चपेट में आ गया हो, लेकिन दो साल से चल रही दाखिले की दौड़ को फिनिश लाइन तक पहुंचाने में कोटा कोचिंग का डिजिटल वर्जन खासा कारगर साबित हो रहा है। इस भयावह बीमारी की दहशत को परे धकेल कोटा अब भी लगातार कोचिंग क्लासेज चला रहा है। हालांकि, यह अब परंपरागत क्लासरूम क्लासेज नहीं बल्कि डिजिटल पर शिड्यूल की गई लाइव क्लासेज हैं, जो 24 घंटे जारी हैं।

कोटा के कोचिंग संस्थान अपने डिजिटल वर्जन 2.0 में परंपरागत क्लासरूम क्लासेज से कई गुना ज्यादा सुविधाएं बच्चों को मुहैया करा रहे हैं। किसी एक सब्जेक्ट की तो बात छोडि़ए एक-एक टॉपिक के लिए मोबाइल एप और पोर्टल के जरिए 10 से 15 टीचर्स अलग-अलग ऑनलाइन क्लासेज ले रहे हैं। एक ही टॉपिक को 8 से 10 अलग-अलग तरीकों से पढ़ाया और समझाया जा रहा है।

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शिड्यूल्ड और लाइव क्लासेज
कोटा के कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ दक्षिण कोरिया की नामचीन ऑनलाइन एजुकेशन कंपनी भी कोटा में अपना सैटअप लगाकर जेईई और नीट की ऑनलाइन कोचिंग मुहैया करा रही है। कोटा बेस्ड डिजिटल कोचिंग्स मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे बच्चों को 70 हजार घंटे के रिकॉर्डिड वीडियो लेक्चर के साथ-साथ 30 हजार घंटे से ज्यादा की शिड्यूल्ड वीडियो क्लासेज और 24 घंटे लाइव क्लास मुहैया करा रहे हैं। टेक्स्ट फॉर्मेट में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और बायो का स्टडी मटेरियल 10 लाख टॉपिक कंटेंट, 3 लाख से ज्यादा टेस्ट सीरिज, 12 लाख से ज्यादा सवालों और 20 लाख से ज्यादा सॉल्व इक्वेशन का आकार ले चुका है। बड़ी बात यह है कि अधिकांश स्टडी मटेरियल विद्यार्थियों को मुफ्त में उपलब्ध करवाया जा रहा है। जबकि शिड्यूल्ड क्लासेज परंपरागत क्लासरूम की तरह तय समय पर हो रही हैं।

हाथों हाथ सॉल्व हो रहे डाउट

कोटा कोचिंग 2.0 की बड़ी खासियत यह है कि डिजिटल एजुकेशन दे रहे संस्थान बच्चों को लाइव डाउट सॉल्विंग प्रेक्टिसेज भी प्रोवाइड करा रहे हैं। हाईटेक टूल्स के जरिए बच्चों की वीकनेस आईडेंटिफाई करने के बाद उसे खत्म करने के लिए इससे जुड़ी एक्स्ट्रा प्रेक्टिस भी प्रोवाइड कराई जा रही है। यह सारा स्टडी मटेरियल और प्रेक्टिसेज कोटा के कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाली आईआईटियंस और डॉक्टर्स फैकल्टी तैयार कर रही हैं। डिजिटल टेस्ट सीरिज के जरिए वह बच्चों को ऑनलाइन एग्जाम की भी प्रेक्टिस करवा रहे हैं।

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कोटा कोचिंग डिजिटल प्लेटफार्म पर शिड्यूल्ड और लाइव क्लासेज के जरिए बच्चों को क्लासरूम कोचिंग्स की तरह नियमित पढ़ाई करवा रहे हैं। साथ ही डेली लर्निंग प्रेक्टिस एवं टेस्ट सीरिज के जरिए परीक्षा की तैयारी भी हो रही है।
नितिन विजय, प्रबंध निदेशक, मोशन क्लासेज