राज्य सरकार व चिकित्सकों की आपसी खिंचतान व लड़ाई में मरीज परेशान हो रहा है। इसके चलते अस्पतालों में रोगियों को उपचार नहीं मिल रहा। कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल की हालात देखे तो यहां सन्नाटा सा पसरा हुआ है। चिकित्सक नहीं होने के कारण आउटडोर छोड़ इंडोर से भी मरीज भर्ती नहीं है। इस कारण पलंग खाली पड़े है। पर्ची काउंटर पर भी सन्नाटा पसरा रहता है। वहीं जेके लोन व मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी मरीजों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा कम हो गई है। रामपुरा जिला अस्पताल में सैनिकों ने मोर्चा संभाल रखा है। जबकि चारों अस्पतालों में पांच हजार मरीज पहुंचते है, लेकिन चिकित्सकों व रेजीडेंट्स हड़ताल के चलते इक्का-दुक्का मरीज ही पहुंच रहे है।