एफसीआई में घोटाला : 180 किसानों के बैंक खातों में कर दिया दोहरा भुगतान, अब वसूली में आ रहा पसीना

Zuber Khan

Publish: Jan, 13 2018 09:19:39 (IST)

Kota, Rajasthan, India
एफसीआई में घोटाला : 180 किसानों के बैंक खातों में कर दिया दोहरा भुगतान, अब वसूली में आ रहा पसीना

भारतीय खाद्य निगम ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान 180 किसानों के बैंक खातों में दोहरा भुगतान कर दिया, अब निगम को वसूली में पसीना आ रहा

कोटा . भारतीय खाद्य निगम ने वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान 180 किसानों के बैंक खातों में दोहरा भुगतान कर दिया, लेकिन अब निगम को किसानों से वसूली में पसीना आ रहा है। एफसीआई प्रबंधन की ओर से 3 कर्मचारियों की टीम किसानों से दोहरी राशि वसूलने में लगा रखी है। टीम रोजाना गांवों में जाकर किसानों से सम्पर्क कर रही है। इसके बावजूद भी दो दर्जन से अधिक किसानों से 46 लाख रुपए की वसूली नहीं हो पा रही। टीम किसानों के घर पहुंचती है तो उन्हें रुपए नहीं लौटाने का रूखा जवाब मिलता है। ऐसे में टीम सदस्य मन मसोस कर लौट रहे हैं।

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घोटालेबाज कर्मचारी अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर

वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य पर हुई गेहूं खरीद के दौरान एफसीआई कर्मचारी नरेश मीणा ने एफसीआई कोष में 3.96 करोड़ की हेराफेरी की। इस राशि में से 85 लाख रुपए अपने खाते में भी जमा कराए। कई किसानों के 311 करोड़ के भुगतान में हेराफेरी की। कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के 180 किसानों को दोहरा भुगतान कर दिया। मामला उजागर होने पर एफसीआई ने घोटोले की जांच कराई तो नरेश मीणा के खिलाफ दोष सिद्ध हुआ। उसे एफसीआई ने निलम्बित कर अनंतपुरा थाने में प्रकरण भी दर्ज कराया। इसके बावजूद भी निलम्बित कर्मचारी अभी भी खुलेआम घूम रहा है।

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जमा कराया मूल, ब्याज बाकी

एफसीआई सूत्रों के मुताबिक निलम्बित कर्मचारी नरेश मीणा से निगम ने 85 लाख रुपए तो वसूल लिए, लेकिन अभी तक ब्याज जमा नहीं कराया है। ब्याज राशि वसूलने के लिए उससे सम्पर्क किया जा रहा है।

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गेहूं खरीद के दौरान हुए 3.96 करोड़ के घोटाले में कर्मचारी नरेश मीणा दोषी पाया गया था। उसे निलम्बित कर खाते में जमा राशि तो वसूल ली गई। ब्याज बकाया है। दोषी कर्मचारी के खिलाफ अनंतपुरा थाने में प्रकरण दर्ज करा रखा है। किसानों से भी राशि वसूली जा रही है। कुछ किसानों पर बकाया है, उनसे वसूली का प्रयास कर रहे हैं।

- पवन बोत्रा, क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, कोटा

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