
padmavati
कोटा। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने बुधवार को संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती फिल्म के चौतरफा विरोध के सवाल पर कहा कि भारतीय सभ्यता-संस्कृति से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। एेतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने पर जाति-धर्म से ऊपर उठकर प्रतीकात्मक विरोध किया जाना चाहिए।
किसी भी माध्यम से हिन्दू संस्कृति और सभ्यता का चरित्र हनन नहीं करना चाहिए। फिल्म पर रोक के सवाल पर सीधा जवाब देने की बजाए मंत्री ने कहा कि मां गंगा पर वाटर नाम की फिल्म रिलीज हुई थी, इसका विरोध होने पर यह फिल्म ठण्डे बस्ते में चली गई। उल्लेखनीय है कि पद्मावती फिल्म के विरोध में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
फिल्म के प्रदर्शन को रुकवाने के लिए लगातार दबाव
पद्मावती पर चल रहे विवाद को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। राजपूत समाज से जुड़े मंत्री, विधायक और सांसदों पर इस फिल्म के प्रदर्शन को रुकवाने के लिए लगातार दबाव बना हुआ है। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य और भाजपा विधायक दीया कुमारी ने भी इस फिल्म को लेकर अपना बयान दिया है। उन्होंने सीधे-सीधे कहा है कि इस फिल्म के नाम पर राजस्थान के गौरवमयी इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी।
भ्रष्टाचार से कुबेरपति बने काला दिवस मना रहे
नोटबंदी को प्रधानमंत्री का एेतिहासिक व साहसिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के ईमानदार लोग नोटबंदी की वर्षगांठ पर दिवाली मना रहे हैं और अनुचित तरीके से भ्रष्टाचार कर कुबेरपति बने लोग काला दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी भ्रष्टाचारियों और कालाधन रखने वालों के हितों पर सीधी चोट है। देश की 99 प्रतिशत जनता नोटबंदी के कदम की सराहना कर रही है।
Updated on:
09 Nov 2017 09:01 am
Published on:
09 Nov 2017 08:57 am
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