
कोटा. बिहार के वैशाली जिले के राजापाकड़ थाना में आने वाले गांव तेलिया के नाम से जरायम के पेशे में कदम करने वाला तेलिया पूरे गैंग का सबसे शातिर अपराधी माना जाता है। कोटा में मण्णपुरम गोल्ड लूट कांड ( manappuram gold robbery ) का राजदार भी है। गोल्ड लूट की तरकीब सुझाना और फिर लूटे ( Gold Loot ) गए माल को ठिकाने लगाने का काम इसी 39 साल के कुख्यात अपराधी के जिम्मे था। लूट के दौरान बैकअप देना, रेकी करना और लूट ( Gold Robbery ) के बाद गैंग को मौके से सुरक्षित निकालने का काम यह खुद ही करता था। अपने शातिर दिमाग की वजह से ही गैंग के सरगना मनीष सिंह का बेहद खास बन गया था।
मनीष सिंह इस पर इस कदर भरोसा करता था कि लूट के माल के बंटवारे के बाद अपने हिस्से में आए सोने को इन्वेस्ट करने का भी काम इसी को सौंप रखा था। नेपाल के कैसीनो और होटल से लेकर राजस्थान के मार्बल कारोबार ( marble business ) के धंधे का हिसाब भी यह खुद ही मनीष के नाम पर करता था। मनीष के एनकाउंटर के बाद देश भर की लूट से मिले उसके हिस्से के 500 करोड़ के सोने का राज इसी के सीने में दफन है। कोटा पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कोटा से लूटे गए सोने के साथ ही पुलिस इस राज के भी खुलासे की कोशिश करने में जुटी है।
हाजीपुर जेल सिपाही की हत्या ( murder )
वैशाली पुलिस के मुताबिक रुदल राय ने मनीष सिंह के इशारे पर हाजीपुर मंडल कारा कक्षपाल दीप नारायण राय की भी हत्या ( Murder ) की थी। इसके बाद उसने गैंग के साथ मिलकर जयपुर के मानेसर और कोटा के नयापुरा में सोना लूटने की वारदातों को अंजाम दिया। करीब छह महीने पहले हाजीपुर पुलिस ने उसे वारदात को अंजाम देने के लिए जाते समय धर दबोचा था। उससे पुलिस ने दो पिस्टल और 23 किलो गांजा बरामद किया था।