राजस्थान के 10 हजार सरकारी चिकित्सकों के हड़ताल पर जाते ही जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी की सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। सरकार ने व्यवस्थाएं संभालने के लिए मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स, आयुर्वेद और युनानी चिकित्सा सेवा के डॉक्टर्स के साथ रेलवे चिकित्सा सेवा के डॉक्टर्स को भी इन अस्पतालों में आपातकालनी ड्यूटी पर तैनात किया है, लेकिन इसके बाद भी हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे। हालात यह है कि कोटा के ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर सीएचसी और पीएचसी नर्स और कंपाउंडरों के ही भरोसे चल रही हैं।