
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/कोटा। Chambal River Front : हैरिटेज चंबल रिवर फ्रंट के 3 व 4 सितंबर को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम एक बार फिर टल सकता है। इस बार अमरीकी राष्ट्रपति के भारत दौरे के कारण उद्घाटन खटाई में पड़ने की आशंका है। भारत में विभिन्न देशों के राजदूत अमरीकी राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों में जुट गए हैं। अब तक रिवर फ्रंट के उद्घाटन का कार्यक्रम कई बार टल चुका है। राज्य सरकार इसके आयोजन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके प्रचार-प्रसार के लिए लांचिंग कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है।
तैयारियों में जुटी टीम: चीफ आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया ने शनिवार को रिवर फ्रंट के फिनिशिंग कार्यों का जायजा लेने लिया। ठेकेदारों को 27 अगस्त तक मोन्यूमेंट्स को पूरा करने के लिए कहा है। इसके अलावा शहर की सड़कों की सफाई से लेकर चौराहों व दीवारों की रंगाई-पुताई व लाइट्स की फाइनल चेकिंग का काम चल रहा है।
बूंदी स्वागत द्वार से लेकर सजेगा पूरा कोटा: रिवर फ्रंट और सिटी पार्क के उद्घाटन समारोह के दौरान पूरे शहर की आकर्षक सजावट की जाएगी। चीफ आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया व यूआईटी अधिकारियों की टीम ने बूंदी रोड से होते ही पूरे मार्ग का अवलोकन किया। इससे पहले रिवर फ्रंट के पूर्वी व पश्चिमी किनारों पर एक-एक मोन्यूमेंट का जायजा लिया। प्रवेश एवं निकास के लिए डिजिटल सिस्टम इंस्टॉलमेंट सहित पर्यटकों की पुख्ता सुरक्षा को लेकर रूपरेखा तय की गई। बचे कामों की मिनट टू मिनट मॉनिटरिंग की जा रही है। इस दौरान न्यास ओएसडी आरडी मीना, सचिव राजेश जोशी व अन्य अभियंता मौजूद रहे।
चंबल माता के सिर पर सजने लगा मुकुट: चंबल माता की मूर्ति के अंतिम चरण के तहत सिर पर मुकुट सजाया जा रहा है। मुकुट सजने के बाद फिनिशिंग का काम किया जाएगा। फिर मूर्ति से गिरने वाले झरने की टेस्टिंग की जाएगी। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद इसके सिक्योरिटी स्पॉन को हटाया जाएगा।
चंबल रिवर फ्रंट के लोकार्पण की तारीख मुख्यमंत्री तय करेंगे। अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते राजदूत नहीं आए तो उद्घाटन की तारीख टाली भी जा सकती है। हमारा उद्देश्य राजदूतों के माध्यम से चंबल रिवर फ्रंट का पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार करना है।-शांति धारीवाल, यूडीएच मंत्री
घंटी का सांचा खोलना शुरू: वर्ल्ड बिगेस्ट वेल के डिजाइनर देवेन्द्र आर्य ने बताया कि ढलाई के बाद तापमान कम होने के बाद घंटी का सांचा शुक्रवार रात से खोला जाना शुरू कर दिया है। ऊपरी हिस्से में तापमान 150 डिग्री और निचले तल पर तापमान 400 डिग्री सेल्सियस है। सांचे को ऊपर की ओर से खोला जा रहा है। इसे पूरी तरह ठंडा होने में कुछ दिन लग सकते है। सांचा खोलने के बाद घंटी की फिनिशिंग की जाएगी। फिर हैंगर पर लटकाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस घंटी बजाने के लिए पर्यटकों को 1100 रुपए देने होंगे। इसके लिए टोकन जारी किया जाएगा।
Published on:
27 Aug 2023 07:03 pm
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