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प्राचार्य की कुर्सी पर कॉलेज छात्राओं ने कब्जा जमा दिया कुर्सी को ज्ञापन, जानिए क्या है मामला

कोटा. शुक्रवार को कॉलेज छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं प्राचार्य कक्ष में पहुंची और खाली पड़ी प्राचार्या की कुर्सी पर बैठ गई।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 15 Dec 2017, 10:14 PM IST

JDB College Girls

कोटा .

आधा सत्र गुजर जाने के बाद भी जेडीबी ऑर्टस कॉलेज में प्राचार्या समेत फेकल्टी के पद खाली होने के विरोध में छात्राओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को कॉलेज छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं प्राचार्य कक्ष में पहुंची और खाली पड़ी प्राचार्या की कुर्सी पर बैठ गई। छात्राओं ने सरकार से कहा है कि यदि कॉलेज नहीं चला सकती तो इसकी जिम्मेदारी हमें दे दें। पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक काम भी कर लेंगी। छात्रा नेता हिना राठौर के नेतृत्व में छात्राओं ने प्रदर्शन किया।

छात्राएं एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए कॉलेज में पहुंची। यहां वे प्राचार्या कक्ष में गई जहां हिना प्राचार्या की खाली पड़ी कुर्सी पर बैठ गई। कुर्सी पर बैठकर हिना ने कहा कि कॉलेज में फैकल्टी नहीं होने से छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने कहा कि अगर सरकार को प्राचार्य व फेकल्टी नहीं देनी थी, तो कॉलेज खोला ही क्यों? छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अब शहर की सड़कों पर प्रदर्शन किया जाएगा।

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कॉलेज के विघटन से बढ़ी समस्या
कॉलेज में प्राचार्या की कुर्सी एक महीने से खाली पड़ी है। उपप्राचार्या नहीं है। कॉलेज में पिछले चार साल से ड्राईंग सब्जेक्ट की स्थाई फैकल्टी नहीं है। सालभर प्रेक्टिल नहीं होने से छात्राओं को परीक्षा में नुकसान उठाना पड़ता है। कॉलेज विघटन के बाद समस्याएं और जटिल हो गई है।

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राजस्थान पत्रिका ने भी चेताया था

जेडीबी कॉलेज के विघटन के बाद कॉलेज में खाली पदों से प्रभावित पढ़ाई को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 11 नवम्बर को 'कॉलेजों में बंटवारे से पढ़ाई प्रभावित' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि कॉलेजों में बंटवारे के बाद व्याख्याताओं के खाली पद होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।