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किसानों की कर्जमाफी के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री के घर में घुसे पायलट, कहा कब तक कुंभकर्णी नींद सोएंगी

झालावाड़. किसानों की कर्जमाफी के लिए सचिन पायलट द्वारा शुरू की गई किसान न्याय यात्रा राजस्थान की मुख्यमंत्री के 'घर' झालावाड़ में पहुंची।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 6 Oct 2017, 8:12 PM IST

Nyay Yatra

झालावाड़. किसान न्याय यात्रा के समापन पर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री के 'घर' झालावाड़ में हुंकार भरी और एक तरह से चुनावी शंखनाद किया। यहां राधारमण मांगलिक भवन में आयोजित सभा में पायलट ने कहा कि सरकार साढ़े तीन साल से कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।

किसी भी राज्य में किसानों की कर्जमाफी के लिए कमेटी का गठन नहीं किया, जबकि प्रदेश में ऐसा किया है। मोटी चमड़ी वाले सेठों का कर्जा एक हस्ताक्षर से माफ कर दिया तो किसानों के लिए कमेटी क्यों।

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राज्य में अभी तक करीब 80 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। यह गूंगी व बहरी सरकार है। आज किसानों के आंसू पौंछने का समय भी सरकार के पास नहीं है। हम मांग करते हैं कि किसानों के पूरा कर्ज माफ होना चाहिए। सरकार चाह रही है कि अगले वर्ष चुनाव से पूर्व कर्ज माफ करें, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।

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हमने किया था 72 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ
कांग्रेस शासन का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि करीब 72 हजार करोड़ रुपए का कर्जा किसानों का माफ किया गया। कृषक समाज को रीढ़ है, इसलिए पूरा कर्जा माफ होना चाहिए। वहीं कृषि में काम आने वाले उपकरणों को जीएसटी से मुक्त करना चाहिए।

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250 का यूरिया 450 का हो गया

पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस शासन में जो यूरिया ढाई सौ रुपए था, वो अब बढ़कर 450 रुपए हो गया है। डीएपी 450 रुपए से बढ़कर 1250 रुपए हो गया है। कृषि मंंत्री ने 10 लाख क्विंटल लहसुन खरीदने की बात कही थी, लेकिन दो माह में मात्र 36 क्विंटल लहसुन की खरीद हो सकी। किसान स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है।