मोर्चरी के बाहर पिता ने कहा कि नियति को यही मंजूर था, लेकिन हॉस्टल संचालकों को उनके यहां रहने वाले छात्र-छात्राओं की निगरानी तो करनी चाहिए। साथ ही, हॉस्टलों में सीसीटीवी के साथ सुरक्षा के कड़े उपाय करने चाहिए। देबोजित ने हॉस्टल में वह बालकनी भी देखी, जहां से उनका पुत्र गिरा। इस बारे में उन्होंने कहा कि बालकनी में एल्यूमिनियम का फ्रेम लगा है, जिमसें एल्यूमिनियम की ही जाली लगी है। यह फ्रेम बहुत ही कमजोर है। तीन फीट के करीब एक हिस्सा टूटा और वहां से ईशानांशु गिरा। परिजन शव को वाहन से दिल्ली लेकर जाएंगे, उसके बाद फ्लाइट से जलपाईगुड़ी लेकर जाएंगे।