24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यदि आप भी बनना चाहते है लेक्चरर तो जानिए क्या बदलाव हुए है शैक्षणिक योग्यताओ में….

कोटा विश्वविद्यालय से संबंद्ध निजी बीएड कॉलेजों में एचओडी व व्याख्याताओं की शैक्षणिक योग्यता में बदलाव किया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Shailendra Tiwari

•

Updated: 27 Apr 2018, 4:02 PM IST

Kota University

कोटा . कोटा विश्वविद्यालय से संबंद्ध निजी बीएड कॉलेजों में एचओडी व व्याख्याताओं की शैक्षणिक योग्यता में बदलाव किया गया है। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं होने पर निजी कॉलेजों को एनओसी जारी नहीं की जाएगी। विवि ने हाल ही निजी बीएड कॉलेजों के होने वाले निरीक्षण के तहत आदेश जारी किए हैं।

Read More:Pics: कार्यक्रम के दौरान कुछ इस तरह नजर आयी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
विवि की ओर से जारी आदेश में बताया है कि पहले एचओडी के लिए एमएड व पढ़ाने का पांच साल का अनुभव जरूरी था, जबकि व्याख्याता के लिए एमएड होना अनिवार्य था, लेकिन इसमें बदलाव कर दिया है। अब एचओडी के लिए 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमएड, पीएचडी या शिक्षा विषय में नेट व दस साल का अनुभव जरूरी है। व्याख्याताओं के लिए 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमएड, पीएचडी या नेट एजुकेशन सब्जेक्ट में होना जरूरी है।

Breaking News: ट्रेन की टक्कर से युवक की दर्दनाक मौत, शव के हुए टुकड़े -टुकड़े
नहीं हो सकते मान्य
विश्वविद्यालय के नियमानुसार जो व्याख्याता वर्तमान में नियमित पीएचडी या अन्य विषयों में पंजीकृत हैं, वह किसी भी महाविद्यालय के लिए मान्य नहीं होगा। वर्तमान में कोटा में संचालित विभिन्न महाविद्यालयों में जो व्याख्याता लगे ह, वह नियमित पीएचडी व अन्य विषयों में पंजीकृत हैं, वह अपनी नौकरी बचाने में लगे हैं।

सक्रिय हो गए एजेंट
विश्वविद्यालय ने पिछले साल नियम बनाए थे कि व्याख्याताओं के लिए एमएड व पीएचडी होना अनिवार्य है। इसके चलते कई व्याख्याताओं ने पीएचडी में अपना पंजीयन करवा लिया, लेकिन वह अभी व्याख्याता के लिए चयनित नहीं हैं। इसके चलते उत्तरप्रदेश, बिहार व मध्यप्रदेश के एजेंट सक्रिय हो गए। वहां के एमएड व पीएचडी बेरोजगार युवा 25 से 30 हजार रुपए प्रति वर्ष लेकर निरीक्षण के दौरान व्याख्याताओं की जगह खड़े हो जाते हैं। अधिकतर निजी कॉलेजों में इस तरह का फर्जीवाड़ा चल रहा है। अब ऐसा नहीं चलेगा। पूरे साल कोटा के व्याख्याता ही पढ़ाएंगे। निजी बीएड के अलावा कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय के अन्य निजी महाविद्यालय में भी यहीं स्थिति रहेगी।

OMG! कोटा के इस सिनेमाघर की पार्किंग में बाइक और कार खड़ी करना है बहुत महंगा
दो से तीन जगह पर चल रहे नाम
कोटा विवि के संबंद्ध निजी कॉलेजों में एक ही व्याख्याता के दो से तीन जगहों पर नाम चल रहे हैं। विवि का ऑनलाइन पोर्टल व व्याख्याता का आधार लिंक नहीं होने के कारण यह फर्जीवाड़ा चल रहा है।

कोटा विवि कोटा कुलसचिव संदीपसिंह चौहान ने कहा कि विवि से संबंद्ध निजी बीएड कॉलेजों में इन दिनों निरीक्षण कर चल रहा है। यदि कॉलेजों ने व्याख्याताओं के अलग-अलग नाम दर्शा रखे हैं, तो इसे दिखवाया जाएगा। आगे से ऐसा फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा, ताकि व्याख्याताओं की स्थिति स्पष्ट हो सके।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग