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हजारों छात्रों का भविष्य महज 6 शिक्षकों के भरोसे

शिक्षकों की नियुक्ति के बार-बार नए नियम बना रही सरकार को पिछले 4 साल से उनकी भर्ती शुरू करने की फुर्सत नहीं है।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

•

Updated: 26 Jun 2018, 2:06 PM IST

commerce college

हजारों छात्रों का भविष्य महज 6 शिक्षकों के भरोसे

कोटा. शिक्षकों की नियुक्ति के बार-बार नए नियम बना रही सरकार को पिछले 4 साल से उनकी भर्ती शुरू करने की फुर्सत नहीं है। आलम यह कि एक सप्ताह में 16 घंटे पढ़ाई कराने वाले हरेक शिक्षक के जिम्मे हर रोज औसतन 600 छात्रों को मार्गदर्शन देना है।

राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में 3600 से ज्यादा छात्रों को पढ़ाने के लिए महज 9 शिक्षक तैनात हैं, इनमें से भी तीन को कॉलेज आयुक्तालय ने प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया है। ऐसे में यहां छात्र-शिक्षक अनुपात 600: 01 हो गया है। प्रतिनियुक्ति भेजे गए तीन शिक्षकों में से एक-एक
को अटरू और पिड़ावा कॉलेज में लगाया गया है जबकि एक शिक्षक अशैक्षणिक कार्य के वास्ते निर्वाचन कार्यालय में तैनात कर दिए गए हैं। इन प्रतिनियुक्तियों से कॉलेज में एनएसएस, लाइब्रेरी और रूसा योजना के कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।

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डॉ. कपिल देव शर्मा, प्राचार्य, राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय बोले शिक्षकों की कमी तो बहुत ज्यादा है। जो बाकी बचे हैं उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन भी करवाना पड़ रहा है। बावजूद इसके कोशिश में जुटे हैं कि किसी तरह छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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जेडीबी कॉमर्स व संस्कृत कॉलेज में आवेदन करने वालों की सीट पक्की साइंस कॉलेज में ज्यादा मारामारी, एक सीट पर करीब पांच विद्यार्थियों का दावा

कोटा में तीन नए गवर्मेंट कॉलेज खुलने के बाद भी दाखिले की मारामारी कम नहीं हुई। सोमवार रात को आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही 9215विद्यार्थियों की उम्मीदों पर पानी फिरना तय हो गया। शैक्षणिक सत्र 2018-2019 के लिए सात राजकीय महाविद्यालयों की 6910 सीटों पर दाखिले के लिए 16125 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।

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आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही राजकीय कन्या वाणिज्य महाविद्यालय (जेडीबी कॉमर्स) में आवेदन करने वाली सभी छात्राओं का दाखिला भी पक्का हो गया। प्रवेश प्रभारी डॉ. हितेंद्र गुप्ता ने बताया कि बीकॉम प्रथम वर्ष की 640सीटों पर कुल 469 छात्राओं ने ही आवेदन किया है। जबकि बीकॉम ऑनर्स की40 सीटों के लिए50 आवेदन आए हैं। ऐसे में सभी छात्राओं का दाखिला लगभग तय है।


नहीं फली ज्योतिष
वहीं संस्कृत महाविद्यालय की 240सीटों पर 112 छात्रों ने ही आवेदन किया है। प्रवेश प्रभारी डॉ. हंसराय गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में संस्कृत साहित्य की 80 सीटों पर 10 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जबकि जैन दर्शन के लिए सिर्फ1 ही आवेदन आए हैं। वहीं फलित ज्योतिष पाठ्यक्रम में भी सिर्फ 12 विद्यार्थियों ने ही रुचि दिखाई। विज्ञान में सबसे ज्यादा मारामारी दाखिले की सबसे ज्यादा मारामारी राजकीय विज्ञान महाविद्यालय में रहेगी।

प्रवेश प्रभारी डॉ. डीके गोचर ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष जीव विज्ञान की350 सीटों के लिए सबसे ज्यादा 1780 आवेदन आए हैं। गणित की 350 सीटों के लिए 1550 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। वहीं राजकीय कन्या विज्ञान महाविद्यालय (जेडीबी साइंस) की प्रवेश प्रभारी डॉ. विजय देवरा ने बताया कि जीव विज्ञान की 280 सीटों पर 988 आवेदन आए हैं। गणित की210सीटों पर650 छात्राओं ने आवेदन किया है।


यहां भी टूटेंगी उम्मीदें
राजकीय कला महाविद्यालय में 3073 और राजकीय कन्या कला महाविद्यालय (जेडीबी आट्र्स) में 2161 और कॉमर्स कॉलेज में480 विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह जाएंगे। अभी लॉ कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

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