
मनोहरथाना के नेशचारण गांव का निवासी है किसान
कोटा . कोटा में बीमारियां कहर बरपा रही हैं। चिकित्सकों के सामने रोजाना जटिल से जटिल केस आ रहे हैं। मरीजों में बीमारियों की जटिलता से डॉक्टर भी हैरान हैं। गंभीर बीमारियों की चुनौतियों से पार पाने के प्रयासों के बीच डॉक्टरों के समक्ष एक और डिफिकल्ट केस आया है।
झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र के नेशचारण निवासी किसान घनश्याम गुर्जर (४५) पर बीमारियों का ट्रिपल अटैक हुआ है। किसान को मलेरिया, डेंगू व स्क्रब टायफस एक साथ हुआ है। इससे लीवर, किडनी व ब्रेन पर भी घातक असर हुआ है। चिकित्सक के अनुसार देश में इस तरह का संभवतया पहला मामला है। ऐसे दो मामले पहले भी आए थे, लेकिन उनमें मरीजों के अंगों पर कोई असर नहीं पड़ा था।
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किसान घनश्याम गुर्जर को एक सप्ताह पहले बुखार व सिर दर्द की शिकायत हुई थी। फिर मिर्गी के दौरे पडऩे लगे। इस पर मनोहरथाना, फिर अकलेरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में मलेरिया निकला, उपचार के बाद भी कोई आराम नहीं आया। हालात बिगडऩे पर परिजन कोटा लेकर पहुंचे। यहां तलवंडी स्थित निजी ष्अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां डेंगू, स्क्रब टायफस व अन्य जांचें कराई। इसमें डेंगू, स्क्रब टायफस भी पॉजीटिव आया। रक्त में प्लेटलेट्स व हिमोग्लोबिन कम मिला। तीनों बीमारियों से किडनी, लीवर पर असर पड़ा है। सिटी स्कैन में पता चला कि ब्रेन पर भी असर पड़ा है। ट्रिपल इन्फेक्शन को चिकित्सकीय भाषा में मेनिंगो एनसिफलाइटिस कहा जाता है
यहां घर-घर डेंगू से पीडि़त लोग
कोटा/जगपुरा . निगम निगम की सीमा से सटे जगपुरा गांव में घर-घर लोग डेंगू व मलेरिया से पीडि़त हैं। कई लोग कोटा के निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। राजस्थान पत्रिका टीम ने शुक्रवार को गांव का सर्वे किया तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। यहां करीब डेढ़ सौ लोग डेंगू व मलेरिया से पीडि़त मिले हैं। राजपूत मोहल्ले में हालात और भी खराब हैं। हर परिवार में कोई न कोई सदस्य डेंगू व मलेरिया से पीडि़त है। लोगों ने बातया कि गुरुवार को चिकित्सा टीम पहुंची थी लेकिन आधा-अधूरा सर्वे कर लौट गई। कई मरीज बिना इलाज के रह गए।
Published on:
7 Oct 2017, 9:07 PM IST
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