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कांग्रेसियों के बाद अब महापौर ने पकड़ा कचरे का झोलझाल तो भाजपाई बोले अपने चहेतों की भी कर लेते जांच

कोटा. कांग्रेस पार्षदों के बाद शुक्रवार को महापौर महेश विजय ने भी ट्रेंचिंग ग्राउण्ड का औचक निरीक्षण कर कचरा परिवहन में घालमेल पकड़ा।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 20 Jan 2018, 8:36 AM IST

Fraud

कोटा .

कांग्रेस पार्षदों के बाद शुक्रवार को महापौर महेश विजय ने भी ट्रेंचिंग ग्राउण्ड का औचक निरीक्षण कर कचरा परिवहन में घालमेल पकड़ा। शहर में दो स्थानों तथा ट्रेंचिंग ग्राउंड जाकर डम्पर संचालन में गड़बड़ी पकड़ी। उन्होंने आयुक्त विक्रम जिन्दल को कार्रवाई को कहा है।
महापौर ने बताया कि लगातार कचरा परिवहन में गड़बड़ी की बात सामने आ रही थी। इस पर वे शुक्रवार सुबह 10 बजे स्वास्थ्य अधिकारी बब्बू गुप्ता, अजय बब्बर, सतीश मीना व कुछ पार्षदों को लेकर कचरा परिवहन व्यवस्था की औचक जांच करने निकले।

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सबसे पहले दादाबाड़ी क्षेत्र पहुंचे, जहां सामने से जेसीबी आती नजर आई। महापौर उसे रोककर पूछताछ कर ही रहे थे कि जेसीबी का टायर फट गया। महापौर को जेसीबी के साथ एक ही डम्पर नजर आया, जबकि प्रत्येक सेक्टर को दो डम्पर आवंटित किए गए हैं। जेसीबी चालक ने बताया कि दूसरा डम्पर खराब है और वह एक जगह खड़ा है। महापौर तीनों स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ जेसीबी चालक की बताई जगह पहुंचे, लेकिन वहां कोई डम्पर नहीं मिला।

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ऐसे होती है गड़बड़ी

विज्ञान नगर क्षेत्र में जेसीबी चालक ने बताया कि दोनों डम्पर कचरा लेकर करीब आधा घंटा पहले ट्रेंचिंग ग्राउण्ड रवाना हो चुके हैं। महापौर ने जेसीबी चालक से दोनों डम्परों के नंबर लिए और जांच के लिए ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पहुंच गए। वहां करीब आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जेसीबी चालक द्वारा बताए गए नंबरों के दोनों डम्पर नहीं पहुंचे।

महापौर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को पता करने को कहा। थोड़ी देर बाद उन्हें बताया गया कि दोनों में से एक डम्पर रास्ते में है, जबकि दूसरे डम्पर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। महापौर ने रिकॉर्ड जांचा तो उसमें दूसरे नंबर वाले डम्पर का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान पार्षद विनोद नायक, देवेंद्र चौधरी व ध्रुव राठौर साथ थे। निरीक्षण से सफाई समितियों के अध्यक्षों को दूर रखा गया।

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ट्रेंचिंग ग्राउंड पर खड़े थे कंडम डम्पर

महापौर ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड पर संवेदक के तीन डम्पर कंडम हालत में खड़े थे। यहां तैनात कर्मचारी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। वे यह भी नहीं बता सके कि यह डम्पर यहां क्यों खड़े हैं। महापौर ने तीनों डंपरों को वहां से हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी भी जांच करवाई जाएगी कि इन तीनों डम्परों को शहर में कचरा ढो रहे डम्परों में तो नहीं गिना जा रहा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान जेसीबी पर अनुबंधित वाहन नहीं लिखे होने पर भी आपत्ति जताई।

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भाजपा पार्षदों ने उठाया सवाल
गैराज समिति अध्यक्ष गोपालराम मण्डा व पार्षद विवेक राजवंशी ने बयान जारी कर कहा कि महापौर अपने चेहते ठेकेदारों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भी जांच करते तो अच्छा रहता। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कागजों में लगाकर भुगतान उठाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि महापौर ने क्यों दोनों सफाई समिति अध्यक्षों को निरीक्षण से दूर रखा।

ऐसा लाव-लश्कर...

82 ट्रैक्टर ट्रॉली, 16 डम्पर, 8 जेसीबी, 109 टीपर, 3000 ठेका सफाई कर्मचारी, 900 स्थाई सफाई कर्मचारी हैं।

बचा रहे हैं ठेकेदारों को
प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका ने कहा कि महापौर जांच के नाम पर ठेकेदारों को बचा रहे हैं। कांग्रेस पार्षदों ने दो बार कचरा परिवहन के घालमेल को उजागर किया, लेकिन अभी तक एक भी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सूची तक दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।