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कोटावासियो ये क्या कर रहे है आप रुपयों के लालच में अपनी ही सुरक्षा से कर रहे खिलवाड़

मकान मालिक किराए के रुपयों के लालच में बाहरी लोगों को मकान व कमरे तो किराए पर दे रहे हैं, लेकिन उनसे उनकी पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं ले रहे।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 28 Apr 2018, 3:33 PM IST

Renting Houses Without Recognization

कोटा . मकान मालिक किराए के रुपयों के लालच में बाहरी लोगों को मकान व कमरे तो किराए पर दे रहे हैं, लेकिन उनसे उनकी पहचान संबंधी कोई दस्तावेज (आईडी) या आधार कार्ड नहीं ले रहे। साथ ही, संबंधित थाने की पुलिस को भी किराएदार के बारे में सूचना नहीं दी जा रही है। इससे उनका सत्यापन भी नहीं हो पा रहा है। नतीजा ज्यादातर मकान मालिकों द्वारा शहर व लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।

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पॉश इलाकों में अधिक समस्या
शिक्षा नगरी होने से शहर में हर साल करीब डेढ़ से दो लाख बच्चे बाहरी राज्यों से आकर हॉस्टलों व पीजी में रह रहे हैं। उनमें से कुछ के साथ तो उनके पहचान के लोग भी रहते हैं। अधिकतर बाहरी छात्र तलवंडी, जवाहर नगर, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर, परिजात कॉलोनी, दादाबाड़ी और अब कुन्हाड़ी क्षेत्र में लैंडमार्क सिटी में रह रहे हैं। हालांकि किराएदार तो नयापुरा से लेकर रेलवे स्टेशन तक सभी क्षेत्रों में हैं। बिना पहचान के किराएदार रखने वाले मकान मालिकों की संख्या अधिक है।

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सुरक्षा के लिहाज से सत्यापन जरूरी
शहर पुलिस अधीक्षक कोटा अंशुमान भौमिया ने बताया कि शहर में कोई भी मकान मालिक बिना आईडी लिए किसी को भी मकान किराए पर नहीं दे। किराए पर मकान देने से पहले किराएदार के बारे में संबंधित थाने की पुलिस को सूचना देकर उसका सत्यापन करवाए। इसकी जिम्मेदारी मकान मालिक की अधिक है। शहर और लोगों की सुरक्षा के लिहाज से यह आवश्यक भी है। पुलिस और लोग मिलकर प्रयास करेंगे तो यह संभव होगा।

तलवंडी निवासी प्रेमलता सिंघवी की 7 मार्च की रात उनके ही घर में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। अगले दिन कमरे में शव मिला तो पता चला कि लूट के इरादे से हत्या की गई है। हत्या भी उनके मकान में किराए से रहने वाले उत्तरप्रदेश निवासी नाबालिग छात्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर की। हालांकि पुलिस ने बाद में तीन नाबालिगों को मथुरा से निरुद्ध किया था, लेकिन मकान मालिक के पास भी उसके पहचान दस्तावेज नहीं थे।

बिहार और उत्तरप्रदेश के कुछ संदिग्ध लोग जनवरी में कोटा आए और यहां उद्योग नगर व तलवंडी जैसे पॉश इलाकों में किराए के मकान लेकर रहने लगे। किराए के लालच में न तो मकान मालिकों ने उनसे पहचान संबंधी दस्तावेज लिए और न ही उनके बारे में संबंधित थानों की पुलिस को कोई सूचना दी। नतीजा 22 जनवरी को दिनदहाड़े गोल्ड कम्पनी से 27 किलो सोना लूटकर फरार हो गए।

भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र स्थित दानमलजी का आहता में एक व्यक्ति चार दिन पहले आकर किराए का कमरा लेता है। मकान मालिक उसे कमरा किराए पर भी दे दिया, लेकिन न तो उससे उसकी पहचान संबंधी कोई दस्तावेज लिए और न ही उसका नाम-पता जानने की कोशिश की। नतीजा आरोपित उस कमरे में एक मजदूर की हत्या कर शव बंद कर भाग गया। अब पुलिस उसे भी तलाश कर रही है।

उक्त उदाहरण तो बानगी मात्र हैं। शहर में इस तरह के केस आए दिन हो रहे हैं।

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