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दुनिया की सबसे बड़ी व एेतिहासिक मुद्रा क्रांति (नोटबंदी) को आज पूरा एक साल हो गया। नोटबंदी के बाद देशभर में उपजे हालातों से हरवर्ग परेशान हुआ। उस समय इसे देश में ज्यादा समर्थन नहीं मिला, लेकिन वैश्विक पटल पर केंद्र सरकार के इस फैसले को अनुकरणीय उदाहरण बताया गया। नोटबंदी के बाद देश की विकास दर में गिरावट आई, बेरोजगारी बढ़ी। कारोबार ठप पड़ गया। लोगों को नकदी के लिए परेशान होना पड़ा। इसके बावजूद ग्राहक व व्यापारियों ने परेशानी झेलते हुए भी इसे देशहित में स्वीकार किया। ई-बैंकिंग की ओर कमद बढ़ाए। अब लोग मानते हैं कि नोटबंदी का अभी तो नहीं, लेकिन आने वाले समय में सुखद परिणाम देखने को मिलेगा।
आतंकी गतिविधियों में लेन-देन रुका। नकली नोटों का चलन बंद हो गया। काला कारोबार बंद हो गया। उद्योग-व्यापार में १० फीसदी गिरावट आई।
-गोविंदराम मित्तल, उद्यमी
सरकार ने लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया। आर्थिक रूप से कमजोर लोग ज्यादा परेशान हुए। भ्रष्टाचार पर जरूर अंकुश माना जा सकता है।
-उमर सीआईडी, घंटाघर
महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ी। बाजार में नया 2000 का नोट लेकर निकले तो व्यापारी खुल्ले देने तक तैयार नहीं होते थे। अब सब कुछ सामान्य हो गया।
-हर्षा शर्मा, शिक्षिका
नोटबंदी से जहां व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं ग्राहकों के लिए भी मुसीबत का कारण बनी। व्यापारी बैंकों में कतारों में लगे रहे। दुकानों को नौकरों के भरोसे छोडऩा पड़ा।
-पंकज शर्मा, रेडीमेड व्यवसायी
लेनदेन की पारदर्शिता से निश्चित रूप से भ्रष्टाचार व काले कारोबार पर अंकुश लगा है। ऑनलाइन सुविधाओं के लिए लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है।
-राजमल पाटौदी, विज्ञान नगर
ऑनलाइन लेनदेन एक वर्ग तक सिमट कर रह गया। किसान न पेटीएम जानता न ई-बैंकिंग। नोटबंदी से नकदी की परेशानी आने से किसानों को भी बेचे हुए माल की रकम नहीं मिली।
-ओमप्रकाश नागर, फल-सब्जी विक्रेता
सरकार ने जिस उद्देश्य से नोटबंदी की थी, मैं नहीं मानता कि सौ फीसदी सफलता मिली। भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक इन फैसलों का फायदा नहीं होगा।
-सत्यनारायण सेन, महावीर नगर तृतीय
सरकार ने जो सोचकर नोटबंदी की थी, वह उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। शिक्षित वर्ग के लिए ऑनलाइन पेमेंट व्यवस्था ठीक हो सकती है, लेकिन कम पढ़े लिखे लोग डिजिटल लेनदेन नहीं जानते।
-राकेश विजयवर्गीय, नयापुरा
यह फैसला बहुत अच्छा था। इससे घरों में जमा पूंजी बाहर निकल आई। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी।
-मनोज गौतम, टीचर्स कॉलोनी
Published on:
08 Nov 2017 01:45 pm
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