
कोटा. बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले पूर्व भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत ( Former MLA Bhawani Singh Rajawat ) ने मंगलवार को फिर एक विवादित बयान दे डाला। ( Rajawat controversial statement ) उन्होंने कहा कि आबादी क्षेत्रों में आए दिन घुसने वाले व चंद्रलोई नदी में बेशुमार मगरमच्छों को किसानों को मारने की खुली छूट दी जानी चाहिए। ताकि, इन मुसीबतों का जड़ से सफाया हो सके। चंद्रलोई नदी ( Chandraloi River ) में सोमवार को मगरमच्छों के हमले में 13 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत से आक्रोशित ग्रामीणों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ नॉर्दन बायपास पर दे रहे धरने के दौरान कहीं।
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राजावत ने कहा कि चंद्रलोही नदी में मगरमच्छों की भरमार है। पूर्व में भी मगरमच्छों ने इस क्षेत्र में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। इससे लोगों भय व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि या तो चन्द्रलोई नदी से मगरमच्छों को निकालकर समुन्द्र में डाल दें या फिर किसानों को उन्हें मारने की खुली छूट दे दी जाए। ( killed all the crocodiles ) कब तक लोग मगरमच्छों का शिकार होते रहेंगे। छूट मिल जाए तो एक भी जिंदा नहीं बचेगा। इस नदी में करीब तीन हजार से अधिक मगरमच्छ हैं। मगरमच्छ नरभक्षी हो गए हैं। पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मगरमच्छों के हमले में मासूम बालक की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना झकझौर कर देने वाली है।
बच्चे की मौत हो गई फिर भी कलक्टर सीट से नहीं उठे
राजावत ने प्रशासन की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा संवेदनहीन प्रशासन मैंने आज तक नहीं देखा। एक मासूम बच्चे को तीन मगरमच्छ घेरकर नदी में खींच ले गए। इकलौते बेटे की दर्दनाक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। इतनी बड़ी घटना की सूचना देने के बावजूद जिला कलक्टर चेम्बर से बाहर नहीं निकले। 24 घंटे में मगरमच्छों ने मासूम को जगह-जगह से नोंच डाला। जब नदी में बालक का शत-विक्षत शव मिला तो देखने वालों की रुह तक कांप उठी लेकिन कलक्टर सीट से नहीं उठे। ऐसे संवेदनहीन अधिकारियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।