
कोटा . पोस मशीनों में अंगूठे के निशान (फ्रिंगर प्रिंट) नहीं आने से खाद्य सामग्री लेने से वंचित व्यक्तियों को आंखों की पहचान के आधार पर खाद्य सुरक्षा के तहत राशन सामग्री वितरित की जाएगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने हाल में सभी जिला रसद अधिकारियों को राशन सामग्री वितरण के बारे में परिपत्र भेजा है। इसमें कहा है कि जिन उचित मूल्य की दुकान पर आइरिस स्कैनर उपलब्ध है, वहां पात्र लोगों की आंखों की पुतलियों द्वारा वेरिफिकेशन कराकर राशन सामग्री दी जाए।
इसके अलावा राशन डीलर भामाशाह में पंजीकृत पात्र व्यक्ति के मोबाइल नम्बर पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मंगवाकर अपनी पहचान सुनिश्चित कर सकते हैं। पहचान के नए दिशा-निर्देश जारी करने से जिन राशन कार्डधारकों के आधार कार्ड नहीं हैं, वे भी जिले में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से खाद्य सामग्री ले सकते हैं। जिला रसद अधिकारी के अनुसार कोटा जिले में 630 से अधिक उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं।
Read More: खुलासा: कोटावासियों की सांसों में जहर घोल रहा थर्मल पावर प्लांट, गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे लोग
मिली थी शिकायतें
पिछले दिनों राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकारियों का विशेष दल गांव-गांव गया था। इसमें ज्यादातर लोगों की शिकायत थी कि पोस मशीनों पर अंगूठे के निशान नहीं आते हैं।
इस कारण राशन डीलर खाद्य सुरक्षा के तहत सामग्री नहीं देते। इस बारे में तत्कालीन जिला कलक्टर ने राशन सामग्री वितरण के नियमों में सरलीकरण के संबंध में सरकार को पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री के संभागीय दौरे के दौरान भी यह समस्या प्रमुखता से आई थी।
Published on:
16 May 2018, 2:49 PM IST
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.