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बाइक सवार ध्यान दें, संभल कर चलें इन सड़कों पर, मौत दे रही यहां पेहरा

चंद पैसों के लालच में ठेकेदार लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां डामर की जगह काला ऑयल बिछा कर गड्ढों में गिट्टियां जमाई जा रही है।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 27 Jan 2018, 10:04 AM IST

road damage

रावतभाटा. रावतभाटा से काटुण्दा मोड़ तक की सड़क वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई है। चंद पैसों के लालच में ठेकेदार लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां डामर की जगह काला ऑयल बिछा कर गड्ढों में गिट्टियां जमाई जा रही है। वाहन जैसे ही यहां से गुजरते हैं तो गिट्टियां उछल कर गड्ढों से बाहर निकल जाती है। नतीजन बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो जाते हैं।

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बार-बार सड़क पर पेचवर्क होने के बावजूद कुछ ही दिनों में ये सड़क फिर खस्ताहाल हो जाती है। गुणवत्ता की अनदेखी करने से यह हालत हो रही है। पत्रिका टीम ने बुधवार को इस मार्ग पर पेचवर्क उधडऩे के बाद फिर से चल रहे पेचवर्क के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी सामने आई। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि सड़क निर्माण में ठेकेदार की ओर से सड़क के गड्ढों की सफाई करने के बाद गिट्टी को बिछाकर बिना रोलिंग किए ही इस पर डामर की जगह काला ऑयल डाला जा रहा था। फिर इस पर बारीक गिट्टी व डामर डालकर बिछाया जा रहा था। इसी दौरान वाहनों के निकलने से साथ गिट्टी उछलती जा रही थी।

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कहीं हो न जाए हादसा
रावतभाटा काटुण्डा मार्ग पर बोराव के निकट बारिश में क्षतिग्रस्त हुई पुलिया अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इसके चलते इस पर पत्थर व अन्य सामग्री रखी हुई है। रात में अंधेरा होने से इस मार्ग पर हादसे का अंदेशा बना रहता है। पुलिया के पुरानी होने से इसमें गड्ढा हो गया है।

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घटिया गुणवत्ता पर नहीं लगी रोक
सड़क के निर्माण व बार-बार पेचवर्क के बाद भी किसी अधिकारी ने इसका निरीक्षण नहीं किया। संभवत: इसी कारण घटिया तरीके से पेचवर्क या निर्माण पर रोक नहीं लग पा रही। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण के अभाव में ठेकेदार गुणवत्ता को धता बताते हुए कार्य कर रहे हैं। गत दिनों जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह ने तहसील के दौरे के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य पर नजर रखने की नसीहत दी थी लेकिन इसके बावजूद अधिकारी निरीक्षण नहीं कर रहे। इसका नतीजा यह हो रहा है कि लोग हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर हैंं। रावतभाटा-भैंसरोडगढ़ से चित्तौड़ जाने का यही एक मार्ग है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवराम मीणा ने बताया कि ठेकेदार के कार्य का निरीक्षण किया जाएगा। गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।