
बांसवाड़ा. झालावाड़.
अंजुमन इस्लामिया के सदर सोहराब खान की हत्या के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़े शूटरों से पुलिस की पूछताछ जारी है। आरोपितों की रिमांड अवधि मंगलवार को समाप्त होने के साथ ही पुलिस की ओर से तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रकरण के जांच अधिकारी जीवन सिंह ने बताया कि न्यायिक अभिरक्षा के दर यान पुलिस ने तीनों शूटरों के कब्जे से दो पिस्तौल तथा तीन जिंदा कारतूस के साथ वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इसके साथ ही शूटरों के दो सहयोगियों की गहनता से तलाश जारी है।
डिप्टी जीवन सिंह ने बताया कि आकिब से एक पिस्तौल तथा दो जिंदा कारतूस व अमन से एक पिस्तौल व एक कारतूस बरामद हुआ है। वारदात के दिन आरोपितों ने करीब आठ से दस फायर किए थे। सोहराब पर तीन फायर करने के बाद आरोपितों के पीछे जब कुछ लोग दौडऩे लगे तो राजतलाब में ही दो-तीन बार और फायर किए थे। इसके बाद एक-दो रास्ते में एवं अन्य फायर नाथेलाव के पास किए थे।
दो की तलाश जारी
इससे पूर्व मास्टरमाइंड सिराज के पिता होलीचौक पृथ्वीगंज हाल भीमपुरा निवासी रियाज (60) पुत्र मीर मोहम्मद तथा ठीकरीया त्रिपुरा कॉलोनी में किराए के मकान में निवासरत सुनील उर्फ सोनू नाई को गिरफ्तार किया गया था। इसमें पांच शूटरों के नाम सामने आए। ताबड़तोड़ तलाशी, परिजनों से पूछताछ शूटरों के नाम सामने आने के बाद विशेष टीम ने कई जगह दबिशें दी।
इसके बाद 16 अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे पुलिस टीम ने श्योपुर में एक मकान की घेराबंदी की और उसमें छिपे तीन आरोपितों झालावाड़ के मूर्ति चौराहा निवासी आकीब उर्फ लाला (20) पुत्र अब्दुल वहाब, नन्ना मोहल्ला करोली मस्जिद अमन सन्जरी पुत्र अब्दुल रईस तथा सुभााष कॉलानी निवासी बस स्टैण्ड निवासी आशिफ पुत्र सलामततुल्ला खान पठान को दबोच लिया था, जबकि शूटरों के साथी झालावाड़ के पुरानी जेल रोड इमाम सागर कोठारी भवन के पीछे के निवासी गोलू उर्फ जाहिद हुसैन (21), रामगंजमंडी निवासी बाबू पाया शूटर अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
भागने की कोई नहीं थी तैयारी
डिप्टी जीवन ङ्क्षसह ने बताया कि आरोपित गत कई दिनों से लगातार सोहराब की रैकी कर रहे थे। इसके चलते बीते कई दिनों से सोहराब लगातार शूटरों के टारगेट पर था। शूटरों को जैसे ही हाकिम का निर्देश मिला ठीक वैसे ही उन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपितों ने जैसे ही फायर किया तो उनके भागने का कोई तय नहीं था। इसके चलते जिसको जैसे मौका मिला अपने हिसाब से भाग लिया। इसके पहले तीनों आरोपित अलग-अलग बसों में बैठकर सूरत की तरफ भागे। जहां तीनों की अकस्मात मुलाकात हो गई। इसके बाद तीनों झालावाड़ पहुंचे। पुलिस के अनुसार भागने से पहले आरोपितों ने अपने कपड़े भी फेंक दिए थे।
यह थी वारदात
सात अक्टूबर की शाम करीब छह बजे अंजुमन इस्लामिया के सदर सोहराब खान परिचितों के साथ एक गुमटी पर बैठे थे। इसी दरमियाान तीन अज्ञात आरोपितों ने सिगरेट खरीदने की आड़ में सोहराब पर दनादन गोलियां बरसा दी। लहूलुहान सोहराब को महात्मा गांधी चिकित्सालय लाया गया। गंभीर स्थिति पर उन्हें उदयपुर रैफर किया गया, लेकिन रात को उदयपुर में एक निजी चिकित्सालय में मौत हो गई।
Published on:
23 Oct 2017 09:03 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
