
बड़ा खुलासा: कोटा यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव लडऩे के लिए अध्यक्ष प्रत्याशी ने जारी की एक ही यूनिवर्सिटी की 2-2 फर्जी मार्कशीट
विनीत सिंह. कोटा. छात्रसंघ चुनाव ( Student union elections 2019 ) लडऩे के लिए फर्जी दस्तावेजों ( Fake marksheet ) का इस्तेमाल करने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विक्रम नागर ने दाखिला लेते समय और चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय दो अलग-अलग मार्कशीटें लगाईं। ( Fake admission) दोनों मार्कशीटें सामने आने के बाद विवि प्रशासन भौचक रह गया। दस्तावेजों का सत्यापन करने के लिए अब दो सदस्यीय टीम को ग्वालियर ( Gwalior University ) भेजा जाएगा।
छात्रसंघ प्रत्याशी विक्रम नागर ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एमए लोक प्रशासन विषय से पढ़ाई करने के लिए कोटा विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था। ( Kota University ) दाखिले के लिए जमा किए गए फार्म संख्या 20191360 में उसने राजस्थान बोर्ड से वर्ष 2010 में 49.33 फीसदी अंकों से दसवीं की परीक्षा पास करने, वर्ष 2012 में 48.6 फीसदी अंकों से बारहवीं कक्षा और वर्ष 2017 में ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय से 67.05 अंकों के साथ बीए की परीक्षा पास करने के दस्तावेज जमा किए।
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बदल दी अंकतालिका
कोटा विवि के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए विक्रम ने जीवाजी विवि की जिस अंकतालिका का इस्तेमाल किया था उसका अनुक्रमांक 124482 था। जबकि 23 अगस्त को छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय नॉमिनेशन फार्म के साथ लगाई गई अंकतालिका पर उसका बदला हुआ अनुक्रमांक 154482 दर्ज था। छात्रसंघ चुनाव लडऩे के लिए दाखिलों के खिलाड़ी ने इस बार फर्जी दस्तावेज तैयार करने की इंतहा ही कर दी, लेकिन दोनों जगह अलग-अलग अंक तालिकाएं लगाने की उसकी गलती ने पूरे खेल का खुलासा कर दिया।
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विवि में मचा हड़कंप
फर्जीवाड़े को दबाने के लिए कोटा विवि ने सोमवार को अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों की ओर से आई आपत्तियों को आधार बनाकर छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने की घोषणा की थी, लेकिन राजस्थान पत्रिका ने 'फर्जी दाखिले के खुलासे के बाद छात्रसंघ चुनाव स्थगित खबर प्रकाशित कर असलियत उजागर कर दी। जिसके बाद मंगलवार को पूरे दिन विवि में हड़कंप मचा रहा। आला अफसरों ने जब विक्रम नागर के एडमिशन फार्म और नामांकन पत्र के साथ लगाई गई अंकतालिकाओं की जांच की तो दोनों मार्कशीट अलग-अलग देखकर हैरत में पड़ गए। बावजूद इसके पूरे प्रकरण को दबाने के लिए कोटा से लेकर जयपुर तक के रसूखदारों ने विवि प्रशासन पर दवाब डालने की कोशिश की, लेकिन नागर के खिलाफ मिले सबूतों ने उसे बुरी तरह फंसा दिया।
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जांच और कार्रवाई
नागर की एक ही विश्वविद्यालय की दो फर्जी मार्कशीटें सामने आने के बाद कोटा विवि प्रशासन ने पूरे प्रकरण की भौतिक जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए बकायदा दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। जिसे जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर भेजा जाएगा। जो विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड का निरीक्षण कर तीन से चार दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नागर का दाखिला खारिज करने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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विक्रम नागर की दो मार्कशीट मिलने का मामला सामने आया है। जिसके बाद दोनों अंकतालिकाओं का भौतिक सत्यापन करने के लिए दो सदस्यीय टीम जीवाजी विवि ग्वालियर भेजी जा रही है। इस टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
डॉ. एससी शर्मा, प्रभारी कुलसचिव
Published on:
28 Aug 2019 09:53 am
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