फिर रातों रात लगाई प्रतिमा
मार्च 2016 में हुए विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कल्याण सिंह ने आने की अनुमति तो दे दी थी, लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में जाने से इनकार कर दिया था। उन्हें कैंपस में बुलाने के लिए विवि ने स्वामी विवेकानंद का सहारा लिया और रातों-रात मूर्ति स्थापित करा दी, लेकिन इस मूर्ति को देखने के बाद तत्कालीन छात्रसंघ महासचिव सागर जोशी ने कार्यक्रम का विरोध किया। दरअसल, जो मूर्ति लगाई गई थी वह स्वामी विवेकानंद की छवि से मेल नहीं खा रही थी। विवाद बढ़ा तो मूर्तिकार को बुलाया गया। उसने फिनिशिंग के 50 हजार रुपए और मांगे, लेकिन विवि इसके लिए राजी नहीं हुआ।