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देखिए…कोटा की जलेबी ने सड़कों पर लगा दिया जाम

कोटा शहर में रोड पर जाम लगना नई बात नहीं है, लेकिन खास बात यह है कि दौड़ते वाहनों के पहिए जलेबी के लिए थम गए।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 23 Dec 2017, 10:53 AM IST

Traffic Jam in kota

कोटा . कोटा शहर में रोड पर जाम लगना नई बात नहीं है, लेकिन खास बात यह है कि दौड़ते वाहनों के पहिए जलेबी के लिए थम गए। ट्रैफिक में फंसे लोग समझ नहीं पाए की आखिर जाम लगा कैसे। वजह मालूम हुई तो सभी आश्चर्य से एक-दूसरे को देखने लगे। वजह थी सड़क किनारे खड़े नाशते के ठेले। जहां कोटा के लोग सुबह-शाम कचौरी-समोचा, जलेबी और इमरती के स्वाद का मजा लेते हैं। इसके अलावा चाय की चुस्कियां भी भारी वाहनों के पहिए थाम देती है। ऐसे ही हालत पुराने कोटा की है। यहां जिधर देखो, उधर अतिक्रमियों की भरमार है। चाहे रामपुरा में मुख्य बाजार में बीच सड़क पर खड़े वाहनों की बात करें या फिर लाडपुरा में बीच सड़क पर लगने वाले नाश्ते के ठेलों की।

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लाडपुरा के संकरे मार्ग में कई जगह पर नाश्ते के ठेले लगे हुए हैं। यहां चाय, पकौड़ी, जलेबी, कचौरी, समोसे की दिनभर धड़ल्ले से बिक्री होती है। भारतेंदु समिति के सामने भी कुछ ऐसा ही नजारा है। शाम होते ही एक हलवाई जलेबी की दुकान सजा देता है। ऐसे में वहां ग्राहकों की भीड़ लग जाती है। दुपहिया वाहन खड़े हो जाते हैं। ऐसे में बार-बार यहां जाम के हालात बन जाते हैं।

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नहीं हो रही सुनवाई
स्थानीय दुकानदार गंगाबिशन बंसल ने बताया कि यहां लम्बे समय से एक हलवाई द्वारा शाम चार बजे से रात 11 बजे तक जलेबी की दुकान लगाई जाती है। सूरज ढलने के साथ ही ग्राहकी बढ़ती है तो यहां जाम के हालात बन जाते हैं। इस मामले की स्थानीय व्यापार संघ, नगर निगम, पुलिस चौकी में भी शिकायत की जा चुकी, लेकिन अभी तक कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।

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यहां सालों से अतिक्रमण
भामाशाह मंडी गेट के बाहर एक दर्जन से अधिक गुमटियां, ढाबा संचालकों का कब्जा है। आए दिन जाम के हालात बनते हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार स्थानीय व्यापारियों ने मंडी प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला। मंडी प्रशासन ने करीब साल भर पहले अतिक्रमण हटाया भी, लेकिन कुछ ही दिन में अवैध कब्जेधारी फिर आबाद हो गए।


रहता है दुर्घटना का अंदेशा
मंडी गेट के सामने के अतिक्रमण के चलते कई बार तो यहां हो रहे अतिक्रमण के चलते किसानों को वाहन खड़े करने तक की जगह नहीं मिलती। ऐसे में सड़क पर वाहन खड़े होने से दुघर्टना का अंदेशा रहता है।

गोबरिया बावड़ी स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में यूआईटी ने करीब तीन दर्जन से अधिक भूखंड खाली छोड़ रखे हैं। इन पर मिस्त्रियों, कबाडिय़ों, चाय की थड़ी संचालकों ने अतिक्रमण कर रखा है। चिंता की बात तो ये कि यहां दिन में तो वाहनों की मरम्मत होती है, फिर सूरज ढलते ही समाजकंटकों का जमावड़ा हो जाता है। आए दिन वाहनों के कलपुर्जे चोरी होने से व्यापारी और ट्रांसपोर्टर परेशान हैं।

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अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट कम्पनीज एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार यूआईटी को अवगत करा दिया। करीब पांच-छह साल पहले अतिक्रमण हटाया भी गया था, लेकिन फिर से यहां अतिक्रमी जम गए हैं।

ट्रांसपोर्ट कम्पनीज एसोसिएशन के महासचिव निगम शर्मा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में जिधर देखो, उधर ही कबाडिय़ों, मिस्त्रियों ने अतिक्रमण कर रखे हैं। ढाबे, चाय की थडिय़ों पर समाजकंटकों का जमावड़ा रहता है।