
कप्तानगंज नगर पंचायत अध्यक्ष आभा गुप्ता को हटाया गया, राज्यपाल ने की थी संस्तुति
पिछड़ी जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कप्तानगंज नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं आभा गुप्ता पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। राज्यपाल की संस्तुति के बाद कुशीनगर डीएम एस राजलिंगम ने तत्काल प्रभाव से आभा गुप्ता को नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटा दिया है। फर्जी प्रमाण के आधार पर चुनाव जीतने के बाद आभा गुप्ता 4 वर्ष से नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर कार्य कर रहीं हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी रहे नासिर ने उसी समय तमाम साक्ष्यों के साथ इसकी शिकायत कुशीनगर और गोरखपुर के जिलाधिकारी के साथ-साथ चुनाव आयोग से भी की थी। अब एसडीएम कप्तानगंज रत्निका श्रीवास्तव को नगर पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया है, वह अध्यक्ष के समस्त दायित्वों का निर्वहन करेंगी।
राज्यस्तरीय कमेटी ने की गहन जांच
नगर पंचायत अध्यक्ष आभा गुप्ता का जाति प्रमाण पत्र राज्यस्तरीय कमेटी ने गहन जांच के बाद रद कर दिया था। कमेटी ने कूट रचना कर गलत जाति प्रमाण पत्र जारी कराने वालों में शामिल लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के भी निर्देश दिया था। जिस पर राज्यपाल ने भी अपनी सहमति जताई है।
निर्णय व निर्देश का उल्लेख
राज्यपाल के प्रमुख सचिव अमृत अभिज्ञात के जारी किए गए आदेश संख्या 1201/9-1-22-17च /2018 लखनऊ दिनांक-4 अगस्त - 2022 मे पैरा एक से सात तक में कप्तानगंज नगर पंचायत अध्यक्ष आभा गुप्ता के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ जिलास्तरीय जांच कमेटी से लगायत मण्डलीय जांच कमेटी व राज्य स्तरीय स्कूटनी कमेटी द्वारा जांच के बाद लिए गए निर्णय व दिए गए निर्देश का उल्लेख किया गया है।
मददगारों पर होगी कड़ी कार्रवाई
कप्तानगंज की नगर पंचायत अध्यक्ष सीट पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित थी। पिछड़ी जाति के फर्जी प्रमाण पत्र पर आभा गुप्ता चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनीं। आभा गुप्ता ने खुद को पिछड़ी का जाति बताकर गोरखपुर से जारी जाति प्रमाण पत्र जमा किया था। जबकि आभा गुप्ता का अग्रहरि बिरादरी में आती हैं। फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में मदद करने वाले तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
8 Aug 2022, 11:18 AM IST
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