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Video: हाफिज सईद की रिहाई का यूपी में मना जश्न, इस जिले में फहराए गए पाकिस्तानी झंडे

लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की रिहाई का यूपी में हरा जश्न।
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लखीमपुर खेरी

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Dhirendra Singh

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Updated: 24 Nov 2017, 6:08 PM IST

 Hafiz Muhammad Saeed

Hafiz Muhammad Saeed

लखीमपुर खीरी. जलता रहा जिस आग में कश्मीर आजतक वह आग आज मेरे घर तक आ गई। इंसानियत से बड़ा हो गया है धर्म आज। यह बात आज मेरी समझ आ गई। देवनंदन आशीष की यह पंक्तियां लखीमपुर में हुए इस घटनाक्रम को समझाने में शायद सटीक बैठती हैं। शहर के मोहल्ले में पाकिस्तान परस्तो द्वारा दूसरे धर्म के लोगों के घर के सामने हरे झंडे लगा दिए गए। शायद यह झंडे उनकी खुशी का इजहार कर रहे थे।

हाफिज सईद की रिहाई का जश्न
जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला शिवपुरी में शुक्रवार की सुबह अराजकता का बोलबाला दिखा। मामला था एक समुदाय के कुछ घरों में पाकिस्तान परस्तों द्वारा हरे झंडे लगा दिए गए थे। बस फिर क्या था। लोगों ने जब यह देखा तो इसका विरोध शुरू हो गया। पुलिस को जानकारी हुई तो भारी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गया। सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस अधिकारियों ने पहले तो घर के बाहर लगे झंडों को उतार लिए। उसके बाद अपनी जांच शुरु कर दी। पूरा मोहल्ला कुछ देर तक छावनी में तब्दील रहा मामले को लेकर जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि यह काम हिंदुस्तान में रह रहे और हिंदुस्तान की रोटी खा रहे कुछ पाकिस्तान परस्तों का है। पाकिस्तान में हाफिज सईद की हुई रिहाई की खुशी जाहिर करने के लिए हिंदुस्तान में रह रहें, पाकिस्तान परस्तों ने यह कारनामा कर दिया था। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान परस्त शहर के माहौल को खराब करना चाहते थे। आपको यह भी बता दें कि धर्म और मजहब के नाम पर इससे पहले भी एक वीडियो वायरल मामले में शहर आग की लपटों से जल चुका है। करीब 3 दिन तक कर्फ्यू झेल चुके शहर के माहौल को खराब करने की लगातार की जा रही कोशिशों से यह जाहिर होता है कि कुछ ऐसे देशद्रोही खीरी में भी पनाह लिए हुए हैं। जो खीरी जिले की शांतिप्रिय जनता को भी अराजकता धर्म और हिंसा की आग में झोंकना चाहते हैं। कुल मिलाकर इस घटना ने एक बात तो साफ़ कर दी है कि जो आग कभी कश्मीर से शुरू हुई थी। उसकी चिंगारी आज लखीमपुर में भी पहुंच गई है। इस चिंगारी से कोई आग न भड़के इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता बंदोबस्त की बात की जा रही है। एक खास बात और 29 नवंबर को लखीमपुर में नगर निकाय चुनाव भी है, उससे पहले हुई यह घटना कहीं सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने के लिए तो अंजाम नहीं दी गई। दर्जनों ऐसे कारण हैं जिनका पता पुलिस वाले जांच एजेंसीयों को लगाना होगा कि ऐसे क्या कारण है कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लखीमपुर खीरी में भी यह कोई पहला मामला नहीं जब धर्म के नाम पर जिले को दंगे की आग में झोंकने का प्रयास किया गया हो।

हालांकि पाकिस्तान परस्तों द्वारा की गई तमाम कोशिशें लखीमपुर की जनता ने कई बार नाकाम की है। कुल मिलाकर लखीमपुर की समझदार जनता वह चाहे हिंदू हो या मुसलमान सिख हो या इसाई सब ने एकजुट होकर ऐसे अराजक तत्वों से मिलकर लड़ाई लड़ी है। अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि इस घटना के पीछे के जिम्मेदारों को पकड़ कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।

हिंदू संगठनों ने किया विरोध

पाकिस्तान परस्तों द्वारा शहर के मोहल्ला शिवपुरी में फहराए गए हरे झंडों को लेकर हिंदू संगठनों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता घटना स्थल पर पहुंच गए और उन्होंने पुलिस व प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की मांग की। हालांकि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच में जुट गई है।

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