
नई दिल्ली। मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड व लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद की रिहाई के आदेश देने बाद भारत ने गुरुवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने कहा है कि इससे पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पत्रकारों से कहा कि हाफिज सईद की रिहाई (आसन्न) एक बार फिर आतंकवाद जैसे घृणित अपराध के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित व्यक्ति या संस्था को सजा दिलाने में पाकिस्तान सरकार की गंभीरता में कमी की पुष्टि करती है।
166 भारतीय और विदेशी मारे गए थे
कुमार ने कहा कि यह पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अंतर्राष्ट्रीय दायित्व का पालन करे और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। कुमार ने कहा कि सईद न केवल मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है बल्कि इस आतंकवादी घटना का मुख्य साजिशकर्ता है। इस हमले में 166 भारतीय और विदेशी मारे गए थे। हाफिज को गुरुवार को 10 महीने की नजरबंदी के बाद रिहा कर दिया गया। लाहौर उच्च न्यायालय के समीक्षा बोर्ड ने बुधवार को पंजाब सरकार के जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख की नजरबंदी को तीन महीने के लिए बढ़ाए जाने की अपील को खारिज कर उसे छोड़े जाने का आदेश जारी किया था। उसका वर्तमान नजरबंदी आदेश आज (गुरुवार) को समाप्त हो रहा है। डॉन ऑनलाइन की रपट के मुताबिक, इस फैसले के बाद सईद ने मीडिया से कहा कि उसके नजरबंदी का समाप्त होना सच्चाई की जीत है और उसने इस फैसले को भारत की मांगों को एक गंभीर झटका बताया है। भारत मांग करता रहा है कि उसे 2008 के नरसंहार के लिए हिरासत में रखा जाए व दंड दिया जाए।
2008 के मुंबई हमले में भूमिका
कुमार ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान ने गैर राजकीय तत्वों को संरक्षण व समर्थन देने की अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है और इससे पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब हुआ है। पंजाब सरकार के एक सूत्र ने हालांकि कहा कि अधिकारी जेयूडी प्रमुख के खिलाफ एक अन्य लंबित मामले में उन्हें नजरबंद रखने की योजना बना रहे हैं। अमरीका व संयुक्त राष्ट्र ने सईद को 2008 के मुंबई हमले में भूमिका के लिए वैश्विक आतंकी घोषित किया है। उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम है। तीन सदस्यों वाले बोर्ड ने प्रांतीय व संघीय सरकार द्वारा सईद के खिलाफ सबूत नहीं जुटा पाने में नाकाम रहने पर उसके रिहाई का आदेश दे दिया।
भारत के हाथ असफलता
इससे पहले सुनवाई के दौरान लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के एक न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने पंजाब सरकार की हाफिज सईद की हिरासत की याचिका खारिज कर दी। समीक्षा बोर्ड ने यह फैसला वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बोर्ड को यह समझाने में नाकाम रहने के बाद दिया कि हाफिज की रिहाई पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक व दूसरी समस्याएं खड़ा करेगी। सईद के वकील ए.के.डोगर ने कहा था कि जेयूडी के नेताओं को बिना किसी ठोस सबूत के हिरासत में रखा गया है और उन्होंने हिरासत बढ़ाने की मांग को 'अवैध' और 'मौलिक अधिकारों का उल्लंघन' बताया। सईद पर 2008 के मुंबई हमले की साजिश रचने का आरोप है, जिसमें 166 भारतीय और विदेशी नागरिकों की मौत हो गई थी। भारत लगातार पाकिस्तान से नरसंहार के आरोपी को सजा देने का आग्रह करता रहा है।
Updated on:
24 Nov 2017, 9:09 AM IST
Published on:
24 Nov 2017, 9:08 AM IST
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