
गन्ना किसानों के साथ भद्दा मजाक, चीनी मिलों ने दबाया अरबों रुपए का भुगतान
लखीमपुर खीरी. शासनादेश की अनदेखी करते हुए बजाज ग्रुप की पलिया, गोला, खंभारखेरा और ऐराखमरिया की गोविंद शुगर चीनी मिल समेत सभी चीनी मिलें गन्ना किसानों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। बकाया गन्ना भुगतान पाने के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं। इतना ही नही किसानों को भुकतान न होने की वजह से डेली के खर्च भी चलना मुशिकल हो रहा। इसके लिये किसान बाजार से 30-40 टका व्याज पर पैसा लेने को मजबूर है। बावजूद इसके शासनादेश को धता बताते हुए यह चीनी मिलें किसानों का 21 अरब से अधिक रुपए का गन्ना भुगतान दबाए बैठे हैं। जबकि शासन के निर्देशों के अनुसार चीनी मिल मालिकों को गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर कर देना चाहिए। लेकिन चीनी मिलो ने आदेश का अनुपालन नहीं किया।
किसानों का नहीं हो रहा भुगतान
चीनी मिलें किसानों का लगभग 21 अरब 33 करोड़ 33 लाख का भुगतान दबाए बैठी हैं। भुकतान न मिलने से किसानों का सब काम ठप पड़ा है। वही किसानो को दूसरी फसलों की तैयारी में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों के बच्चों की पढ़ाई और शादी आदि के लिए खर्च जुटा पाना बड़ा मुश्किल साबित हो रहा है। वही जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल के अनुसार मिल चीनी मिलों ने किसानों से खरीदे गन्ने का पूरा भुगतान नहीं किया है। चीनी मिलों को कई बार कड़े निर्देश दिए जाने के साथ कार्रवाई की नोटिस भी दी गई है। किसानों के बकाया भुगतान जल्द ना कर पाने पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने बताया कि केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को पैकेज दिया था। चीनी के दाम घटने पर चीनी मिलों ने उत्पादित चीनी बेचने से इंकार कर दिया था। इस पर केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए पैकेज दिया था। सभी चीनी मिलों को उत्पादित चीनी का साढ़े पांच प्रति कुंतल की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। चीनी मिल वार विवरण तैयार कर भेजा जा रहा है। शासन से मिलने वाली धनराशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। चीनी के दामों में सुधार होने के बाद मिलो ने चीनी की बिक्री शुरू कर दी। धीरे-धीरे बकाया का भुगतान शुरू हो जाएगा।
भुगतान के दिए निर्देश
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले की चीनी मिलों पर बकाया किसानों के गन्ना भुगतान के बाबत सभी चीनी मिल के अधिकारियों के निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही बकाया भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। नियमानुसार 14 दिन के अंदर किसानों को भुगतान किया जाना था। इसमें फिसड्डी रही चीनी मिलों के भुगतान पर शेष नजर रखने के निर्देश जिला गन्ना अधिकारी को दे दिए गए हैं। साथ ही शादी विवाह की समस्या वाले किसानों को भुगतान प्राथमिकता के आधार पर दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के खाते में भेजा जा रहा भुगतान
अधिशासी बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल गोला ओमपाल सिंह ने बताया कि बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल ने किसानों के बकाया का भुगतान उत्पादित चीनी को बेचकर देना शुरू कर दिया है। प्रतिदिन धनराशि किसानों के खाते में भेजी जा रही है। केंद्र सरकार से साढ़े पांच रुपये प्रति कुंतल की दर से मिलने वाली धनराशि भी किसान के बकाए के भुगतान में भेजी जा रही है भेजी जाएगी।
Published on:
19 Jun 2018, 7:37 AM IST
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