
स्कूल में पढ़ रहे थे बच्चे, तभी स्कूल के सामने आया बाघ, फिर इस टीचर की बहादुरी देख सब रह गए हैरान
लखीमपुर खीरी. भीरा रेंज के अंतर्गत गांव बहादुरनगर में एक बाघ गन्ने के खेत से निकल कर उच्च प्राथमिक विद्यालय के सामने आ गया। जिस समय बाघ वहां आया, स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। बाघ को देखकर बच्चों को पढ़ा रहे मास्टरजी के पसीने छूट गए। आनन-फानन में उन्होंने बच्चों को स्कूल में बंद कर दिया और इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। इस बीच बाघ के गन्ने के खेत के किनारे डटा रहा। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने हाका लगाया। तब जाकर वह गन्ने के खेत के अंदर गया। वन विभाग की टीमों को मौके पर कांबिंग करने का निर्देश दिया गया है। बाघ के डर से ग्रामीण घरों में दुबके हुए हैं। रात में बाघ ने गांव के पास ही एक बछड़े का शिकार किया था।
बच्चों को कमरे में भेजा
बुधवार सुबह करीब दस बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय के सामने वाले खेत में बाघ दिखाई दिया। विद्यालय के शिक्षक अध्यापक राम प्रसाद उस समय बच्चों को पढ़ा रहे थे। तभी उनकी नजर अचानक बाघ पर पड़ी। बाघ को देखकर शिक्षक अचानक शोर मचाने लगे। उन्होंने बच्चों को स्कूल के कमरों में जाने को कहा और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। बाघ आने की जानकारी होने पर वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने बाघ की सूचना भीरा रेंजर राकेश बाबू वर्मा को दी। एहतियात के तौर पर विद्यालय को बंद कर बच्चों की छुट्टी कर दी गई। रेंजर ने बताया कि रात में एक बछड़े के शिकार की सूचना मिली थी। रात में ही मौके पर कांबिंग कराई गई थी। फिलहाल शोर मचा कर बाघ को बस्ती से दूर भगा दिया गया है। वहीं वन दरोगा पवन कुमार सिंह व वन रक्षक राजेश दीक्षित और प्रहलाद सिंह को बाघ पर नजर रखने को कहा गया है।
मास्टर जी की सूझ-बूझ से टला बड़ा हादसा
बाघ निकलने के बाद मास्टर साहब ने तत्काल बाहर पढ़ रहे बच्चो को एक कमरे में बंद कर दिया और किसी तरह शोर मचा कर ग्रामीणों को बुलाया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
Published on:
12 Jul 2018, 8:59 AM IST
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