
प्रदेश में लू के थपेड़ों संग भीषण गर्मी की चेतावनी जारी, पारा पहुंचा 45 पार
लखनऊ. दिनोदिन बढ़ती गर्मी से देशभर में लोगों का हाल बेहाल है। सुबह तेज धूप तो रात में उमस भरी गर्मी का एहसास होता है। दिन प्रतिदिन दिन गर्मी अपने तेवर तीखे करते जा रही है। प्रचंड गर्मी से पूरा देश जल उठा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीष्म लहर का प्रकोप बना रहेगा।
भीषण लू की चेतावनी जारी
मौसम वैज्ञानियों ने अगले कुछ दिनों के लिए भीषण गर्मी और लू की चेतावनी जारी की है। सूबे का सबसे गर्म शहर बांदा रहा जहां रविवार को तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो कि सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं सोमवार को बांदा का अधिकतम तापमान 47 डिग्री रहा। इसके बाद प्रयागराज का तापमान 47.7 डिग्री रहा, जो कि प्रदेश का दूसरे सबसे गर्म स्थान रहा। झांसी 47.5 डिग्री के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर बना।
इसके अलावा वाराणसी एपी, चुर्क, कानपुर आईएएफ, उरई, हमीरपुर, आगरा ताज में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ का भी अधिकतम तापमान 30 मई के बाद 43 डिग्री के पार पहुंचा। सोमवार को यहां का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
45 प्रतिशत कम होगी बारिश
मौसम विभाग के मुकाबिक इस बार मानसून में देरी के कारण बारिश भी सामान्य से 45 प्रतिशत कम होगी। मानसून ने सामान्य आगमन की तारीख से एक सप्ताह देरी से केरल में दस्तक दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून देर से पहुंचेगा। वर्षा की कमी मानसून की सुस्त गति और कमजोर अल नीनो के कारण बन सकती है।
जून के अंतिम सप्ताह में दस्तक देगा मानसून
केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद अब प्रदेशवासियों को भी मानसून का इंतजार है। मौसम विभाग के मुताबिक लखनऊ में जून के अंतिम सप्ताह में मानसून दस्तक देगा। लेकिन पहले कुछ हफ्तों में बारिश सामान्य से कम होगी।
गर्मी से पशु भी बेहाल
प्रचंड गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर भी पड़ रहा है। गर्मी के लागातार तल्ख हो रहे तेवर आफत बनते जा रहे हैं। लू के थपेड़े पशु पक्षियों के लिए भी परेशानी बन गए हैं। इसका कारण है तालाब पोखरों का सूखना। प्रशासनिक स्तर पर भी उनके लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है। खुले में घूमने वाले आवार छुट्टा जानवरों के पास पेड़ के नीचे आश्रय लेने के अलावा और कोई स्थल नहीं बचता। दूसरी ओर बिजली की कटौती ने भी परेशानी बढ़यी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10-12 तक बिजली कटौती गर्मी की परेशानी को बढ़ावा देती है। कहीं विद्युत तार टूट कर गिर रहे हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। यही नहीं विद्युत सब स्टेशनों तक पर आग लगने की आये दिन घटनाएं हो रही हैं। इन सबके चलते भी विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। इसका खामियाजा भी भीषण गर्मी में लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
Published on:
10 Jun 2019 03:56 pm
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