1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गुजरात के किसानों को मिली राहत, पेप्सिको ने वापस लिया केस

गुजरात के आलू किसानों के सामने पेप्सिको ने अपने हाथ पीछे कर लिए पेप्सिको ने आलू किसानों पर दायर किए गए मुकदमें को वापस ले लिया इसके अलावा किसानों को कंपनी ने हर्जाना भी दिया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shivani Sharma

•

Updated: 11 May 2019, 11:06 AM IST

pepsico

गुजरात के किसानों को मिली राहत, पेप्सिको ने वापस लिया केस

नई दिल्ली।गुजरात के आलू किसानों के सामने पेप्सिको ने अपने हाथ पीछे कर लिए हैं। पेप्सिको ने आलू किसानों पर दायर किए गए मुकदमें को वापस ले लिया है। इसके अलावा किसानों को कंपनी ने प्रतीकात्मक तौर पर हर्जाना भी दिया है। किसानों के वकील ने जानकारी देते हुए बताया कि पेप्सिको ने बनासकांठा, साबरकांठा और अरावली के किसानों के खिलाफ दायर किए गए केस को वापस ले लिया है। उन्होंने इसे किसानों की जीत बताया है।


वापस लिया केस

आपको बता दें कि कंपनी ने गुजरात के 11 जिलों के किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसको अब कंपनी ने वापस ले लिया है। कंपनी का आरोप था कि आलू उसने लेज चिप्स के लिए आलू की जिस FC5 किस्म का पेटेंट कराया था, उसकी अवैध खेती की जा रही है। इसी केस में कंपनी ने किसानों पर कुछ दिन पहले जुर्माना ठोका था।


ये भी पढ़ें: औद्योगिक वृद्धि में आई गिरावट, मार्च में घटकर 0.1 फीसदी रही


चुनाव का पड़ा असर

आपको को बता दें कि चुनाव के दौरान यह मामला सामने आने के कारण नेताओं ने भी किसानों का पक्ष लिया और यह मामला गुजरात में राजनीतिक मुद्दा बन गया। किसानों की ओर से कोर्ट में पेश हुए एडवोकेट आनंद याग्निक ने पेप्सिको पर 'कॉरपोरेट आक्रामकता' का आरोप लगाया था।


किसानों को मिला हर्जाना

किसानों ने कंपनी से प्रतीकात्मक तौर पर एक रुपए का हर्जाना लिया है। पेप्सी कोला और लेज चिप्स बनाने वाली पेप्सिको के अमेरिका स्थित हेडक्वॉर्टर और एशिया पैसिफिक रीजन के ऑफिस ने किसानों के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कराने के अपनी भारतीय इकाई के कदम पर चिंता जताई थी।


ये भी पढ़ें: व्यापारिक वार्ता के बाद चीन की बढ़ी मुश्किलें, ट्रंप ने 300 अरब डॉलर तक के आयात पर बढ़ाया टैरिफ


सोशल मीडिया पर हुआ कंपनी का विरोध

पेप्सिको के द्वारा दायर किए गए इस मुकदमे में देश के हजारों लोग किसानों के साथ खड़े थे, जिसके कारण कंपनी पर दबाव बन रहा था और कंपनी को अपना केस वापस लेना पड़ा। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी पेप्सिको के इस कदम की आलोचना की गई है, जिसके बाद आखिरी में पेप्सिको इस केस से पीछे हट गई और किसानों को हर्जाना भी दिया। वहीं, किसानों का कहना था कि पेप्सिको ने प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वेरायटी ऐंड फार्मर्स राइट्स (PPVFR) का उल्लंघन किया है। यह ऐक्ट पौधों की विशेष किस्म, किसानों के अधिकारों के संरक्षण के साथ ही पौधों की नई वेरायटी के विकास और बुआई को प्रोत्साहन देने से जुड़ा है।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार,फाइनेंस,इंडस्‍ट्री,अर्थव्‍यवस्‍था,कॉर्पोरेट,म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.