कंपनी ने कहा कि, इडी द्वारा उसकी संपत्तियों को अटैच करने के बाद उसके पास एडिशनल डिपॉजिट नहीं और न ही उसके पास किसी प्रोपोजल के आदेश को पालन करने में सक्षम थी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। कोर्ट में कंपनी के वकील ने बताया कि, जनवरी तक कंपनी के कुल एसेट्स की वैल्यू 13,400 करोड़ रुपए तक आंकी गई है। लेकिन मौजूदा समय में बाजार की उतार चढ़ाव को देखते हुए अब इसकी वैल्यू 12,400 करोड़ रुपए के लगभग है। कंपनी ने कोर्ट को ये भी बताया कि उसके के्रडिटर्स के आउडस्टैंडिंग ड्यूज 10,000 करोड़ रुपए से उपर नहीं होगा।