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Til Ke Laddu Ke Fayde: पीएम मोदी ने बच्चों को खिलाए तिल के लड्डू, जानिए इसे खाने के फायदे

Til Ke Laddu Ke Fayde: तिल के बीज बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होते हैं, क्योंकि इनमें कैल्शियम की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। जानिए तिल के लड्डू बनाने की विधि।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 10, 2025

Benefits of sesame seeds for children

Benefits of sesame seeds for children

Til Ke Laddu Ke Fayde: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान तिल के लड्डू खिलाए, जिससे इस पारंपरिक मिठाई की महत्‍वता और फायदे एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। तिल (Sesame seeds) और गुड़ (Jaggery) से बने लड्डू खासकर सर्दियों में लोकप्रिय होते हैं और इनका सेवन शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्‍योंकि तिल में कई तरह के पोषक तत्‍व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्‍पलेक्‍स, कार्बोहाइड्रेट और एंटीऑक्सीडेंट आदि पाए जाते हैं। लेकिन ये आपके बच्‍चों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं क्‍योंकि इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और तिल के लड्डू बनाने की विधि।

बच्चों को तिल खिलने के फायदे (Benefits of sesame seeds for children)

तिल में एनर्जी भरपूर होते हैं (Sesame seeds are rich in energy)

तिल में कई पोषक तत्‍व होते हैं और साथ ही इसमें कैलोरी की भी अच्छी खासी मात्रा होती है। तिल के 100 ग्राम में करीबन 573 कैलोरी पाई जाती है, जो कि काफी ज्यादा है। इसलिए बच्चों की डाइट में तिल को शामिल करना बेहद फायदेमंद है, खासकर उनके एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए।

मानसिक कमजोरी दूर करें (Remove mental weakness)

तिल का सेवन मानसिक कमजोरी और तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसे brain enhancer माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स की प्रचुर मात्रा होती है। इसके नियमित सेवन से मानसिक विकास में मदद मिलती है और मस्तिष्क तेज रहता है।

एंटीऑक्सीडेंट के गुण से भरपूर (Rich in Antioxidants)

तिल के बीज एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत होते हैं। ये फ्री रेडिकल्स के नुकसान को कम करने में मदद करते हैं, जो मेटाबॉलिजम के दौरान उत्पन्न होते हैं और शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। तिल में एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखते हैं।

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इम्‍यूनिटी बढ़ाएं (Increase immunity)

तिल में कई प्रकार के विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बच्चों की इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यदि बच्चों को बचपन से तिल दिया जाए, तो उनकी इम्‍यूनिटी विकसित होती है और वे कम बीमार पड़ते हैं।

पेशाब की समस्या को दूर करें (Eliminate urination problems)

अगर बच्चों को रात के समय बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या हो, तो तिल की मदद से इसे दूर किया जा सकता है। भुने हुए काले तिलों को गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बनाएं और इसे बच्चे को रात में सोने से पहले खिलाएं। इससे बच्चे को रात में पेशाब करने की समस्या से राहत मिलती है।

हड्डियों में बेजोड़ मजबूती (Unmatched strength in bones)

तिल में कैल्शियम, प्रोटीन और एमिनो एसिड्स होते हैं, जो बच्चों की हड्डियों के विकास में मदद करते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं। 100 ग्राम तिल में 60 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है।

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तिल के लड्डू बनाने की विधि (Method of making sesame laddu)

सामग्री:
तिल (ताजे या भुने हुए) – 1 कप
गुड़ – 1/2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
घी – 1 चमच (गर्म करने के लिए)
पानी – 1-2 चमच (गुड़ को पिघलाने के लिए)
इलायची पाउडर (वैकल्पिक) – 1/4 चमच

विधि-

तिल के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले तिल को एक कढ़ाई में डालकर हलके आंच पर अच्छे से भून लें। तिल सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं, तो आंच बंद कर दें। अब दूसरे पैन में 1-2 चमच पानी डालकर उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और हलके आंच में पिघलने दें। फिर जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए, तो इसमें इलायची पाउडर मिला लें, इसे स्वाद और सुगंध दोनों बेहतरीन देता है। अब गुड़ के मिश्रण में तिल को डालें और अच्छे से मिला लें और थोड़ी देर ठंडा होने दें, ताकि यह आसानी से लड्डू बन सके। मिश्रण को हल्का ठंडा होने पर हाथों से छोटे-छोटे लड्डू बना लें। यदि मिश्रण ज्यादा चिपचिपा लगे, तो हल्का सा घी लगाकर लड्डू बना सकते हैं और आखिर में लड्डुओं को सेट होने छोड़ दें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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