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क्या आप भी टॉयलेट सीट खुली छोड़कर करते हैं फ्लश? जानें हवा और आसपास की सतहों पर क्या पड़ता है असर

Toilet Hygiene: टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद किए बिना फ्लश करने से क्या होता है? आइए NCBI और Journal of Hospital Infection की रिसर्च के अनुसार जानते हैं।
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Toilet Flush, Toilet Seat Cover

Toilet Flush Aerosol के नुकसान (representative image) image credit Magnific

Toilet Flush Aerosol: टॉयलेट फ्लश करते समय ज्यादातर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि ढक्कन खुला है या बंद। ऐसे में बिना टॉयलेट सीट का ढक्कन (Toilet Seat Cover) बंद किए फ्लश करने पर बहुत छोटे कण हवा में फैल सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे कण भी हो सकते हैं जो इंफेक्शन फैलाने वाले कीटाणुओं से जुड़े हों। आइए जानते हैं बिना ढक्कन बंद किए फ्लश करने से क्या परेशानी हो सकती है।

हवा में फैल सकते हैं छोटे कण

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) में प्रकाशित एक रिसर्च रिव्यू के मुताबिक, टॉयलेट फ्लश करने के दौरान काफी मात्रा में छोटे एयरोसोल कण बन सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे कण भी हो सकते हैं जो इंफेक्शन फैलाने वाले कीटाणुओं से जुड़े हों। कुछ बहुत छोटे कण हवा में कुछ समय तक रह सकते हैं और हवा की धाराओं के साथ आसपास फैल सकते हैं।

बिना ढक्कन बंद किए फ्लश करने पर क्या होता है?

जर्नल ऑफ हॉस्पिटल इंफेक्शन (Journal of Hospital Infection) में प्रकाशित एक रिसर्च में टॉयलेट फ्लश करने के दौरान क्लॉस्ट्रिडियम डिफिसाइल (Clostridium difficile) नाम के बैक्टीरिया के फैलने को देखा गया। रिसर्च में पाया गया कि बिना ढक्कन के फ्लश करने पर यह बैक्टीरिया हवा में पहुंच सकता है। इसे टॉयलेट सीट से करीब 25 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक हवा में पाया गया। आसपास की कुछ सतहों पर भी इसके पहुंचने के सबूत मिले। इस रिसर्च में टॉयलेट का ढक्कन बंद करने पर हवा में पाए गए बैक्टीरिया की मात्रा कम हुई। हालांकि, ढक्कन बंद करने से एयरोसोल पूरी तरह खत्म नहीं हुए। यानी ढक्कन बंद करना मदद कर सकता है, लेकिन इससे हवा में फैलने वाले सभी कण पूरी तरह रुक जाएं, ऐसा नहीं है।

क्या ढक्कन बंद करने से वायरस का फैलाव पूरी तरह रुक जाता है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन में प्रकाशित 2024 की रिसर्च में इंसानों में होने वाले आंतों के वायरस के मॉडल के तौर पर बैक्टीरियोफेज MS2 का इस्तेमाल किया गया। रिसर्च में पाया गया कि टॉयलेट का ढक्कन ऊपर हो या नीचे, फ्लश करने के बाद बाथरूम की सतहों पर वायरल संदूषण में स्पष्ट अंतर नहीं दिखा।

टॉयलेट की सफाई क्यों जरूरी है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की 2024 की रिसर्च में टॉयलेट बाउल की सफाई का भी असर देखा गया। रिसर्च में पाया गया कि टॉयलेट बाउल की सफाई के बाद उसमें मौजूद वायरल संदूषण में 99.99 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई। इससे पता चलता है कि सिर्फ टॉयलेट का ढक्कन बंद करने पर निर्भर रहने के बजाय टॉयलेट की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।

क्या सावधानी रखनी चाहिए?

फ्लश करने के दौरान छोटे कण हवा में फैल सकते हैं, इसलिए टॉयलेट की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। टॉयलेट और आसपास की सतहों को नियमित रूप से साफ करें। बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद हाथ अच्छी तरह धोना भी जरूरी है। टॉयलेट का ढक्कन बंद करके फ्लश करना एक आसान सावधानी हो सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है।