
विश्व में पहली बार वर्ल्ड लाफ्टर डे (World Laughter Day) वर्ष 1998 में मुंबई में मनाया गया था। वर्ल्डवाइड लाफ्टर योगा मूवमेंट के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया ने लाफ्टर थैरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों में बढ़ रहे स्ट्रेस व डिप्रेशन को दूर करने के लिए इस अन्तरराष्ट्रीय हास्य दिवस मनाने की शुरूआत की थी। उनका मानना था कि हंसने से हमारे चेहरे की नर्व्ज तथा फेशिएल एक्सप्रेशन्स हमारे इमोशन्स पर पॉजिटिव असर डालते हैं। तब से आज तक दुनिया भर के कई देशों में इस दिवस को मनाने की शुरूआत हो चुकी है।
कब मनाया जाता है World Laughter Day
हर वर्ष मई माह के पहले रविवार को वर्ल्ड लाफ्टर डे (World Laughter Day) मनाया जाता है। इस वर्ष वर्ल्ड लाफ्टर डे दो मई को मनाया जाएगा। इस दिन पूरे विश्व भर में हास्य गोष्ठियों का आयोजन होता है, लॉफिंग क्लब्स में लोग एक-साथ एकत्रित होकर हंसते हैं और दूसरों को हंसने के लिए प्रेरित करते हैं। गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन के कारण भारत में अन्तरराष्ट्रीय हास्य दिवस ऑनलाइन तथा वर्चुअल मीटिंग्स में मनाया गया था।
क्या है वर्ल्ड लाफ्टर डे का महत्व
वर्तमान तकनीकी युग में विभिन्न कारणों से लोगों में तनाव तथा डिप्रेशन बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं जिसके चलते बहुत से लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन रिलेटेड बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर्स तथा एक्सपर्ट्स टेंशन और डिप्रेशन दूर करने के लिए लाफ्टर थैरेपी का प्रयोग करने की सलाह देते है। ऐसे में इस दिन का मनाया जाना लोगों को स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन से दूर रहने के लिए मोटिवेट करता है।
Published on:
1 May 2021, 6:41 PM IST
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