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Rajasthan Panchayat Election 2026 Live: जयपुर। राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की 27 जिला परिषदों के 377 एवं 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। इस चुनाव से 9094 प्रत्याशियों का भविष्य तय होगा। इन क्षेत्रों में 51.33 लाख से अधिक महिलाओं सहित 1.06 करोड़ मतदाता है। तीसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद केवल चौथे चरण का मतदान ही शेष रहेगा, जो दीपावली ब्रेक के बाद 14 नवम्बर को होगा।
3 Nov 2026, 7:13 AM IST
तीसरे फेज में 1 करोड़ 6 लाख 81 हजार 567 वोटर 9094 प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला करेंगे। जिला परिषद के 377 वार्डों में 1305, जबकि पंचायत समिति के 2119 वार्डों में 7789 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति उम्मीदवारों के मामले में सीएम भजनलाल शर्मा का गृह जिला भरतपुर टॉप पर है। भरतपुर में 19 वार्ड में जिला परिषद मेंबर के 91 उम्मीदवार हैं। भरतपुर में 98 पंचायत समिति वार्ड में चुनाव हो रहे हैं, वहां 696 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो तीसरे फेज में सबसे ज्यादा हैं।
3 Nov 2026, 7:10 AM IST
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सुबह 7 बजे से 27 जिलों की जिला परिषदों और 116 पंचायत समितियों में वोटिंग शुरू हो गई है। मतदान के लिए 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग चल रही है। मतदान को लेकर सुबह से ही वोटर्स में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
3 Nov 2026, 7:06 AM IST
भाजपा की निगाह मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर के अलावा आदिवासी अंचल और नए जिलों पर रहेगी, वहीं कांग्रेस के सामने अंता उपचुनाव की जीत का असर बनाए रखने और आदिवासी क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बढ़ते प्रभाव के बीच अपना पारंपरिक वोटबैंक बचाने की चुनौती है।
3 Nov 2026, 7:00 AM IST
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में भाजपा और कांग्रेस के सामने ग्रामीण सत्ता में अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने की चुनौती है। 17 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए हैं। इन जिलों के तहत आने वाले 65 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के 30 और कांग्रेस के 27 विधायक हैं। यानी विधानसभा चुनाव के लिहाज से दोनों दलों की ताकत लगभग बराबर है। ऐसे में पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों का चयन, स्थानीय जातीय समीकरण, नेताओं के बीच तालमेल और भितरघात रोकने की रणनीति अहम है।