
सपा प्रमुख अखिलेश यादव फोटो-ANI
Uttar Pradesh Politics News: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक जताया। उन्हें राम गोविंद को समाजवादी आंदोलन की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि चौधरी उस पीढ़ी के नेता थे, जिसने समाजवाद की शुरुआती पहचान को मजबूत करने के लिए काम किया। राम गोविंद चौधरी ने अपना पूरा जीवन समाजवादी आंदोलन को समर्पित कर दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि उनका निधन समाजवादी आंदोलन के लिए भारी नुकसान और समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी को समाजवादी आंदोलन का नेता बताते हुए कहा कि वे उस पीढ़ी से थे, जिसने समाजवाद की शुरुआती पहचान बनाने के लिए काम किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी आंदोलन को समर्पित कर दिया था। राम गोविंद चौधरी जयप्रकाश नारायण, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव समेत उस दौर के कई प्रमुख नेताओं के साथ काम कर चुके थे। सरकार के सामने अपनी बात रखने का उनका तरीका अलग और प्रभावी था।
अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी का सरकार के सामने अपनी बात रखने का तरीका अलग और प्रभावी था। जरूरत पड़ने पर वह सरकार और प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखते थे। वहीं, मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी गोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि दी।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नेता राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार को 73 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से हृदय और किडनी की बीमारी से परेशान थे। लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में उनका इलाज चल रहा था। रात करीब 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
सपा के मीडिया प्रभारी सुशील पांडे के मुताबिक, चौधरी को करीब दो सप्ताह पहले SGPGI में भर्ती कराया गया था। इससे पहले लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी। मैक्स अस्पताल में भी उनका लंबे समय तक इलाज चला था और डायलिसिस भी किया गया था।
राम गोविंद चौधरी आठ बार विधायक रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई नेताओं ने शोक जताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री बताते हुए निधन को बेहद दुखद बताया।
आपातकाल के दौरान राम गोविंद चौधरी लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चलाए गए आंदोलन में शामिल रहे। इसी दौरान वह जिले की 'छात्र युवा वाहिनी' के सह-संयोजक बने। आंदोलन के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। उन्हें बलिया और बाराबंकी की जेलों में रखा गया था। राम गोविंद चौधरी ने जयप्रकाश नारायण के साथ भी काम किया था। वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबी सहयोगियों में भी शामिल रहे।
Updated on:
26 Sept 2026 10:03 am
Published on:
26 Sept 2026 09:30 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
