
लखनऊ. करीब साल भर पहले अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और अब उनके मित्र राहुल गांधी भी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की ओर अग्रसर हैं। सोमवार को राहुल गांधी ने नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। 'यूपी को ये साथ पसंद है' नारे के साथ शुरू हुई अच्छे लड़कों की दोस्ती अब भी बरकरार है और नए कीर्तिमान गढ़ने की ओर अग्रसर है। पार्टी के दिग्गजों के तमाम विरोधों के बावजूद दोनों युवा आगे का सफर साथ-साथ तय कर रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव तो कई बार कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर आपत्ति जता चुके हैं, वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर समेत कई नेता यूपी में विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ना चाहते थे। बावजूद इसके दोनों युवा नेता एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ रहे हैं और विपक्षी दलों के तीखे शब्दबाणों से अपने दोस्त की हिफाजत कर रहे हैं।
दोस्त के समर्थन में आए अखिलेश
हाल ही में गुजरात चुनाव में राहुल गांधी को गैर हिंदू कहकर मामला उछालने पर अखिलेश यादव राहुल कांग्रेस के युवराज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं। इटावा में अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
जो भाजपा का नहीं, वो हिंदू नहीं : अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर राहुल गांधी हिंदू नहीं हैं, तो मैं भी हिंदू नहीं हूं और इसका मतलब कोई हिंदू नहीं है। इस दौरान अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से अपनी दोस्ती जगजाहिर करते हुए भाजपा पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि इसका मतलब तो यह हुआ कि जो भाजपा का नहीं है, वो भी हिन्दू नहीं होगा।
कब्रिस्तान-श्मशान को लेकर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर साम्प्रदायिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ने वाली भाजपा ने प्रदेश की जनता को कब्रिस्तान और श्मशान के नाम पर लड़ा दिया।
Updated on:
04 Dec 2017 04:24 pm
Published on:
04 Dec 2017 02:12 pm
