मालूम हो कि उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में इस बार समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले इटावा और उसके आस-पास के इलाकों में पार्टी को मुंह की खानी पड़ी है। इटावा में तीन नगर पालिका और तीन नगर पंचायतों में से महज दो पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली है। इसके अलावा जसवंत नगर नगरपालिका से चेयरमैन का चुनाव शिवपाल सिंह यादव के कऱीबी सुनील जॉली ने जीता। सुनील जॉली को समाजवादी पार्टी ने टिकट नहीं दिया था, इसलिए उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा और जीत। बतातें चलें कि जॉली को शिवपाल का समर्थन प्राप्त था। इसके अलावा पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के गढ़ कहे जाने वाले कन्नौज से भी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। फिरोजाबाद मेयर चुनाव में तो एआईएमआईएम ने सपा से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे पार्टी अध्यक्ष नाराज हैं। मालूम हो कि प्रदेश के 16 नगर निगमों से एक भी समाजवादी पार्टी सीट नहीं जीत सकी। जबकि, उसने सभी 16 नगर निगमों में प्रत्याशी उतारे थे। वहीं, सपा ने प्रदेश की नगर पालिका की 48 सीटें और नगर पंचायत की सिर्फ 83 सीटों पर जीत दर्ज कराया।