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अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज, राम राम जपना पराया काम अपना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार कर खूब चलाए शब्दबाण...

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Dec 21, 2017

Akhilesh Yadav

लखनऊ. यूपी निकाय चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी और भाजपा में घमासान तेज होता जा रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए दोनों दलों के दिग्गज एक-दूसरे पर जमकर शब्दबाण छोड़ रहे हैं। चाहे सोशल मीडिया हो या फिर कोई आयोजन यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भाजपा पर जुबानी हमले करते रहे हैं। इसी कड़ी में अखिलेश यादव के एक ट्वीट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि इस सरकार का काम ही है 'राम राम जपना पराया काम अपना।'

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'राम राम जपना पराया काम अपना’, महिला सुरक्षा के लिए समाजवादी सरकार द्वारा शुरू की गयी 'वीमेन पावर लाइन 1090' को उत्तम सेवा के लिए मिला PAN-IIM डिजिटल इंडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड 2017।' हाल ही में अखिलेश सरकार में शुरू हुई वीमेन पावर लाइन 1090 को उत्तम सेवा के लिए 2017 का Digital India Excellence Awards दिया गया है।

पहले भी लगाते रहे हैं गंभीर आरोप
अखिलेश यादव और सपा के कई नेता भाजपा सरकार पर समाजवादी पार्टी सरकार में शुरू किये गये कार्यों का उद्घाटन करने का आरोप लगाते रहे हैं। अखिलेश यादव कई बार कह चुके हैं कि बीजेपी की सरकार कोई नया काम नहीं कर रही है, बस सपा सरकार में चलाई गई योजनाओं का श्रेय ले रही है।

यूपीकोका नहीं ये धोखा है : अखिलेश यादव
योगी सरकार द्वारा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में यूपीकोका पेश किया। अखिलेश यादव ने इस परतीखी प्रतिक्रियादेते हुए कहा कि यूपीकोका नहीं ये धोखा है।

ग़रीबों के लिए दावे जितने झूठे हैं, सरकारी विज्ञापन उतने ही बड़े हैं : अखिलेश यादव
कभी कानून-व्यवस्था, तो कभी सरकार की योजनाओं को लेकर अखिलेश यादव ट्वीट कर सरकार को आड़े हाथों लेते रहे हैं। नवंबर में उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि, ग़रीबों के नाम की नहीं, काम की योजनाएं बननी चाहिए। नयी झूठी योजनाओं से अच्छा है, ‘समाजवादी पेंशन’ जैसी सच्ची योजना फिर से लागू हो। सच तो ये है कि ग़रीबों के लिए बनी योजनाओं के दावे जितने झूठे हैं, सरकारी विज्ञापन उतने ही बड़े हैं, अब ग़रीब भी समझ रहे हैं, उनके हाथ कुछ नहीं आ रहा।